तमाम मौसमी चुनौतियों के बावजूद पंजाब में गेहूं की अच्छी बिजाई
11-Dec-2025 05:01 PM
चंडीगढ़। दक्षिण-पश्चिम मानसून की अत्यन्त मूसलाधार बारिश एवं भयंकर बाढ़ के कारण पंजाब के कई जिलों के खेतों में अनावश्यक एवं गैर उपयोगी मलवा जमा हो गया था जिससे वहां गेहूं की बोआई में भारी कठिनाई होने और इसका उत्पादन काफी घटने की आशंका पैदा हो गई थी
लेकिन राज्य सरकार के गंभीर प्रयासों, प्रोत्साहनों एवं मौसम की अनुकूल स्थिति के कारण वहां हालत तेजी से सामान्य होते गए और तमाम चुनौतियों के बावजूद पंजाब के किसानों को लगभग 99 प्रतिशत चिन्हित क्षेत्र में गेहूं की बिजाई करने में अब सफलता मिल गई है। इससे गेहूं का उत्पादन घटने की संभावना भी क्षीण पड़ गई।
पंजाब के राजस्व विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष समूचे राज्य में अधिशेष वर्षा एवं बाढ़ से 1,45,878 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई।
इसमें से 1,41,025 हेक्टेयर जमीन में फसलों की बिजाई हो गई और केवल 4853 हेक्टेयर में बिजाई बाकी रह गई है। दूर-दराज के अलग-अलग इलाकों की इस जमीन में अब भी बालू एवं मलवे का विशाल जमाव अब भी मौजूद है जिसे हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
बाढ़-वर्षा से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, कपूरथला एवं तरन तारन शामिल है। इन सभी जिलों में लगभग सम्पूर्ण क्षेत्रफल (जमीन) की हालत अब सामान्य हो चुकी है। लेकिन तरन तारन जिले में 4 हजार हेक्टेयर से कुछ अधिक भूमि से रेत-ंमलवा हटाया जाना बाकी है।
किसान नेताओं ने भी स्वीकार किया है कि अब कहीं-कहीं और छोटे-छोटे भूखंडों में ही समस्या रह गई है। तरन तारन एवं अमृतसर में करीब 100 एकड़ जमीन में रबी फसलों की बिजाई होना मुश्किल लगता है क्योंकि उसमें से बालू हटाने पर भी बिजाई में कठिनाई हो सकती है।
एक अन्य किसान नेता के अनुसार तरन तारन, अमृतसर, कपूरथला एवं निकटवर्ती जिलों में केवल 5 प्रतिशत जमीन की सफाई नही हो पाई है जबकि 95 प्रतिशत क्षतिग्रस्त भूमि रबी फसलों की बिजाई के लिए तैयार हो गई।
उल्लेखनीय है कि पंजाब केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाला राज्य है और गेहूं के कुल राष्ट्रीय उत्पादन में उसकी भागीदारी 16 प्रतिशत के करीब रहती है। वहां गेहूं बिजाई की प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी है।
इस बार राज्य में 34.90 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती का लक्ष्य नियत किया गया था जबकि वास्तविक रकबा 34.50 लाख हेक्टेयर तक पहुंच सका।
