तुवर का उत्पादन गत वर्ष से कुछ कम होने का अनुमान

28-Nov-2025 12:20 PM

नई दिल्ली। बिजाई क्षेत्र में मामूली बढ़ोत्तरी होने के बावजूद इस बार अरहर (तुवर) के घरेलू उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है क्योंकि महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, तेलंगाना एवं आंध्र-प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में खरीफ सीजन की इस सबसे महत्वपूर्ण दलहन फसल को अधिशेष वर्षा एवं जल जमाव से नुकसान हुआ। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार 2024-25 सीजन में कुल 36.24 लाख टन तुवर का घरेलू उत्पादन हुआ था जो 2025-26 के सीजन में 27 हजार टन गिरकर 35.97 लाख टन रह जाने की संभावना है। तुवर की नई फसल की कटाई-तैयारी अगले महीने से जोर पकड़ सकती है। 

आधिकारिक आंकड़ों से ज्ञात होता है कि पिछले सीजन की तुलना में इस बार अधिकांश राज्यों में तुवर की पैदावार घट सकती है लेकिन गुजरात एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इसका उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है।

कृषि मंत्रालय के मुताबिक समीक्षाधीन सीजन के दौरान तुवर का उत्पादन आंध्र प्रदेश में 1.77 लाख टन से गिरकर 1.17 लाख टन, झारखंड में 2.55 लाख टन से घटकर 1.68 लाख टन, कर्नाटक में 9.98 लाख टन से गिरकर 9.22 लाख टन,

मध्य प्रदेश में 1.27 लाख टन से फिसलकर 93 हजार टन, महाराष्ट्र में 14.23 लाख टन से लुढ़ककर 12.61 लाख टन तथा तेलंगाना में 2.01 लाख टन से घटकर 1.71 लाख टन पर सिमट जाने की संभावना है।

दूसरी ओर इस महत्वपूर्ण दलहन फसल का उत्पादन 2024-25 सीजन के मुकाबले 2025-26 सीजन के दौरान गुजरात में 2.01 लाख टन से सुधरकर 2.93 लाख टन,

उड़ीसा में 25 हजार टन से उछलकर 1.79 लाख टन तथा उत्तर प्रदेश में 1.15 लाख टन से बढ़कर 2.86 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर तुवर के सकल उत्पादन में गिरावट का अंतर काफी पिछड़ जाएगा। 

ध्यान देने की बात है कि कृषि मंत्रालय का यह पहला अग्रिम अनुमान है जबकि आगामी महीनों में तीन और अनुमान जारी होने वाले हैं।

उभरती तस्वीर के अनुरूप उन अनुमानों में तुवर के उत्पादन आंकड़े में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं इसलिए मौजूद अनुमान को अंतिम सरकारी आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।