तुवर पर सरकार की नजर

06-Dec-2025 11:08 AM

खरीफ सीजन की सबसे महत्वपूर्ण दलहन फसल- अरहर (तुवर) की नई आवक कहीं-कहीं आरंभ हो गई है और आगामी समय में इसकी रफ्तार नियमित रूप से बढ़ते जाने की संभावना है। विदेशों से अच्छी मात्रा में इसका शुल्क मुक्त आयात भी जारी है।

इसके फलस्वरूप घरेलू प्रभाग में तुवर की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी हद तक सुगम बनी हुई है और कीमतों पर भी दबाव देखा जा रहा है। यदि यही स्थिति बरकरार रही तो तुवर उत्पादकों को आगे भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।

सरकार इस हकीकत से अवगत है और इसलिए वह इसकी खरीद में ज्यादा विलम्ब नहीं करना चाहती है। इस बार जनवरी से ही तुवर की सरकारी खरीद आरंभ करने की तैयारी की जा रही है।

तुवर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 सीजन के 7550 रुपए प्रति क्विंटल से 450 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 8000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जबकि थोक मंडी भाव इससे काफी नीचे चल रहा है।

ध्यान देने वाली बात है कि केन्द्र सरकार पहले ही तुवर, उड़द एवं मसूर की सम्पूर्ण विपणन योग्य मात्रा की खरीद का संकल्प व्यक्त कर चुकी है।

इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी क्रय केन्द्रों पर सामान्य औसत क्वालिटी की तुवर की जितनी भी आवक होगी उसकी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अवश्य की जाएगी।

वैसे भी सरकार के पास अभी करीब 5 लाख टन तुवर का स्टॉक पड़ा हुआ है जबकि बफर स्टॉक में कम से कम 10 लाख तुवर होना आवश्यक है। इसे देखते हुए सरकार शुरूआती दौर में 5 लाख टन तुवर की खरीद अवश्य करना चाहेगी और उसके बाद इसे बढ़ाने का प्रयास कर सकती है।

2024-25 के सीजन में सरकारी एजेंसियों द्वारा करीब 6 लाख टन तुवर की खरीद की गई थी जिससे किसानों को काफी राहत मिली थी।

2025-26 सीजन के लिए सरकार ने 36 लाख टन तुवर के घरेलू उत्पादन का आरंभिक अनुमान लगाया है जो उद्योग- व्यापार क्षेत्र के अनुमान से काफी अधिक है। 

महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात एवं मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में इस वर्ष विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से तुवर की फसल को काफी नुकसान हुआ है लेकिन विदेशों से भारी मात्रा में हो रहे सस्ते आयात के कारण घरेलू बाजार भाव पर इसका कोई सकारात्मक मनोवैज्ञानिक असर नहीं देखा जा रहा है।

जनवरी में जब नैफेड एवं एनसीसीएफ जैसी सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर तुवर की जोरदार खरीद आरंभ होगी तब इसके मंडी भाव में कुछ सुधार आने की उम्मीद बन सकती है।