दक्षिण भारत में बारिश के बावजूद जलाशयों में पानी का स्टॉक कम

05-Dec-2025 09:01 PM

चेन्नई। हालांकि दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्र में अक्टूबर से ही उत्तर-पूर्व मानसून सक्रिय है जिससे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना एवं केरल सहित अन्य राज्यों में रुक-रूककर बारिश होती रही है।

इसके अलावा बीच-बीच में समुद्री चक्रवाती तूफान की वजह से भी वर्षा हुई है। अभी कुछ दिन पूर्व दितवाह नामक समुद्री चक्रवाती तूफान के कारण तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश एवं पांडीचेरी सहित अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई।


केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण भारत में कुल 47 प्रमुख बांधों- जलाशयों में फिलहाल 46.408 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक मौजूद है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 55.287 बीसीएम का 84 प्रतिशत है। अच्छी बारिश के बावजूद वहां बांधों का जल स्तर नीचे आ रहा है।

हालांकि कुछ भंडारण क्षमता के सापेक्ष तमिलनाडु के जलाशयों में पानी का स्तर बढ़कर 93 प्रतिशत पर पहुंच गया है और यह आंध्र प्रदेश में 89 प्रतिशत तथा तेलंगाना में 87 प्रतिशत के संतोषजनक स्तर पर मौजूद है लेकिन केरल और कर्नाटक में जल स्तर घटकर 80 प्रतिशत के करीब आ गया है। 

उत्तर-पूर्व मानसून कम से कम दिसम्बर के अंत तक सक्रिय रहने की संभावना है जिससे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पांडीचेरी में वर्षा का दौर जारी रह सकता है। इस बीच ला नीना मौसम चक्र भी सक्रिय हो सकता है जिससे फरवरी तक वर्षा की उम्मीद बनी रहेगी।