दक्षिणी राज्यों में नियमित वर्षा से पानी का स्तर सामान्य

19-Dec-2025 08:54 PM

तिरुअनन्तपुरम। उत्तर-प्रदेश मानसून की सक्रियता से दक्षिण भारत में अक्टूबर से ही रुक-रूककर अच्छी बारिश हो रही है। पिछले सप्ताह भी तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्यों के कुछ भागों में वर्षा हुई।

वैसे बारिश की तीव्रता एवं गतिशीलता में कमी आ गई है। दक्षिण भारत में जाड़े के दिनों में अच्छी वर्षा होने की परिपाटी रही है। 

केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट से पता चलता है कि दक्षिण भारत के 47 प्रमुख बांधों-जलाशयों में उसकी कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले अभी 39.37 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद है।

इसके तहत आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु एवं तेलंगाना के जलाशयों / सरोवरों में 80-80 प्रतिशत से ज्यादा, कर्नाटक में 73 प्रतिशत तथा केरल में 77 प्रतिशत पानी का भंडार उपलब्ध है। 

उत्तरी क्षेत्र के 11 जलाशयों में 77 प्रतिशत पानी बचा हुआ है। इसके तहत राजस्थान में पानी का स्टॉक 92 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर मौजूद है जबकि पंजाब में 78.5 प्रतिशत तथा हिमाचल प्रदेश में 71 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है। 

पूर्वी एवं पूर्वोत्तर संभाग के जलाशय की औसतन 77 प्रतिशत तक पानी से भरे हुए हैं। इस संभाग में कुल 27 जलाशय है। इसमें पानी की कुल भंडारण क्षमता 21.759 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) की है।

मेघालय का एक मात्र बांध पानी से पूरी तरह भरा हुआ है जबकि उड़ीसा के जलाशयों में 80 प्रतिशत से अधिक पानी का स्टॉक मौजूद है। पश्चिम बंगाल के बांधों में 52 प्रतिशत तथा आसाम के जलाशयों में सबसे कम 42 प्रतिशत पानी का भंडार उपलब्ध है।