दालों और सब्जियों के दाम घटने से खाने की थाली हुई सस्ती

11-Dec-2025 07:31 PM

नई दिल्ली। एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी के नीवनतम खाद प्लेट सूचकांक से पता चलता है कि घर में बने खाने के क्रम में एक भारतीय थाली को तैयार करने का खर्च नवम्बर में करीब 13 प्रतिशत घट गया जिसका मुख्य कारण दालों और सब्जियों का सस्ता होना रहा।

आम उपभोक्ताओं के रसोईघर का खर्च घटाने में अच्छी सहायता मिली जबकि इससे यह संकेत भी मिलता है कि फसलों के उत्पादन तथा व्यापारिक प्रवाह में गहरा ढांचागत बदलाव आ रहा है। 

पिछले कुछ महीनों से दाल-दलहन बाजार में नरमी का माहौल देखा जा रहा है और लगभग सभी प्रमुख दलहनों का थोक मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ गया है।

नवम्बर में खरीफ कालीन दलहन फसलों के नए माल की जोरदार आवक हुई जिसमें उड़द एवं मूंग- मोठ मुख्य रूप से शामिल थे। इसके अलावा विदेशों से भारी मात्रा में सस्ते दलहनों का आयात भी जारी रहा।

प्रमुख निर्यातक देशों में उत्पादन बेहतर होने तथा आयातक देशों में मांग कमजोर रहने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तुवर, उड़द, मसूर, देसी चना तथा पीली मटर आदि का दाम घटकर नीचे आ गया।

नवम्बर 2025 के दौरान चावल, आटा एवं मसालों के दाम में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया और खाद्य तेल की कीमतों में भी काफी हद तक स्थिरता बनी रही।

इसी तरह चीनी सहित अन्य खाद्य वस्तुएं निश्चित मूल्य दायरे में ही घूमती रहीं। इससे खाद्य महंगाई में काफी गिरावट आ गई और खाने की थाली सस्ती हो गई।

नवम्बर 2024 में अघिकांश खाद्य उत्पादों का भाव अपेक्षाकृत ऊंचा चल रहा था। प्रमुख खाद्य जिंसों के साथ-साथ नवम्बर में आलू,

प्याज एवं टमाटर के अलावा हरी सब्जियों की कीमतों में भी नरमी या स्थिरता बनी रही जबकि मक्का का दाम घटकर काफी नीचे आ गया। भोजन की थाली सस्ती होने से आम लोगों को अक्टूबर की महंगाई से नवम्बर में कुछ राहत मिल गई।