दलहन आयात घटा फिर भी भाव कमजोर
20-Dec-2025 08:34 AM
दलहन आयात घटा फिर भी भाव कमजोर
★ वाणिज्य मंत्रालय द्वार जारी आकड़ों के अनुसार अप्रैल से अक्टूबर तक देश में 22.42 लाख टन दलहनों का आयात हुआ जिसमें देसी चना की मात्रा 0.93 (गत वर्ष समानअवधि 1.52) लाख टन, उड़द की मात्रा 6.42 (गत वर्ष समानअवधि 4.72) लाख टन, मसूर की मात्रा 3.12 (गत वर्ष समानअवधि 5) लाख टन, तुवर की मात्रा 6.38 (गत वर्ष समानअवधि 8.14) लाख टन, पीली मटर की मात्रा 5.57 (गत वर्ष समानअवधि 4.85) लाख टन है।
★ उड़द व मटर को छोड़ अन्य सभी दलहनों के आयात में गिरावट देखी गयी। सबसे बड़ी गिरावट तुवर व मसूर में आई।
★ पिछले वित्त वर्ष में दलहनों का कुल आयात 69.32 लाख टन हुआ था, जिसमें चना की मात्रा 15.06 लाख टन, उड़द की 8.24, मसूर की 12.2, तुवर की 12.2 लाख टन व मटर की 21.64 लाख टन थी। पिछले वर्ष रिकॉर्ड मात्रा में हुआ था दलहनों का आयात।
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घटते आयात के बावजूद आखिर भाव क्यों नहीं बढ़ रहे?
★ भाव न बढ़ने की मुख्य वजह पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड मात्रा में आयात होना है।
★ पोर्ट पर अभी भी मटर, चना, मसूर, तुवर व उड़द का स्टॉक उपलब्ध। परन्तु जैसे-जैसे आयात घटा स्टॉक में भी गिरावट आ रही है।
★ देखा गया है कि देश में नवम्बर, दिसंबर, जनवरी में बड़ी मात्रा में दलहनों आयात होता है क्योंकि इस समय ऑस्ट्रेलिया में चना व मसूर, कनाडा में मसूर व मटर की फसल आ चुकी होती है। जनवरी से म्यांमार से उड़द और तुवर की सप्लाई शुरू होती है।
★ आगामी दिनों में दलहनों का आयात बढ़ सकता है।
★ खरीफ सीजन में उड़द, तुवर, मूंग उत्पादन में आई गिरावट। आयात भी घटा।
★ आई ग्रेन इंडिया का मानना है कि तुवर व उड़द की कीमतों में आ सकता है सुधार, मटर, चना व मसूर में भी बढ़ सकते हैं भाव।
महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।
