दलहनों की सरकारी खरीद की गति धीमी

13-Feb-2025 05:15 PM

नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने 2024-25 के खरीफ सीजन में उत्पादित दलहनों- उड़द, मूंग एवं तुवर की खरीद की घोषणा की थी और इसका लक्ष्य भी निर्धारित किया था मगर अब तक मूंग को छोड़कर अन्य दो दलहनों की खरीद बहुत कम या नगण्य हुई है।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) तथा राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहनों एवं तिलहनों की खरीद का दायित्व सौंपा गया है। 

2024-25 सीजन के लिए मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 8682 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है जबकि 10 फरवरी 2025 तक राष्ट्रीय स्तर पर इसकी कुल खरीद 1,76,502 टन तक पहुंची।

इसमें से 1,45,887 टन की खरीद अकेले राजस्थान में हुई जबकि खरीद की मात्रा कर्नाटक में 26,753 टन, हरियाणा में 7664 टन, तेलंगाना में 980 टन, गुजरात में 144 टन तथा महाराष्ट्र में 63 टन रही।

तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश एवं हःतीसगढ़ में खरीद नहीं हुई है। लगभग सभी रजयों में मूंग की सरकारी खरीद का औपचारिक समय समाप्त हो चुका है। कुछ प्रांतों में रबी कालीन मूंग की खरीद हो सकती है। 

जहां तक उड़द का सवाल है तो अभी तक केवल राजस्थान में लगभग 3736 टन की सरकारी खरीद संभव हो सकी है।

कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हरियाणा एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों  में उड़द की खरीद संभव नहीं हो सकी।

उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इस बार 7400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है जबकि खरीदारी के लिए निश्चित अवधि के दौरान इसका भाव समर्थन मूल्य से ऊपर चल रहा था। खरीद की समय सीमा समाप्त होने के बाद बाजार नीचे आने लगा है। 

अरहर (तुवर) की फसल मूंग एवं उड़द की तुलना में लेट से अति है इसलिए इसकी खरीद भी देर से शुरू हुई। तुवर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 सीजन के लिए 7550 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है जबकि थोक मंडी भाव काफी घटने के बाद समर्थन मूल्य से थोड़ा ऊपर चल रहा है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 10 फरवरी 2025 तक राष्ट्रीय स्तर पर कुल 7816 टन तुवर की सरकारी खरीद संभव हो सकी। इसके तहत आंध्र प्रदेश में 6967 टन, तेलंगाना में 497 टन तथा कर्नाटक में 352 टन की खरीद शामिल है।

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में खरीद आरंभ नहीं हुई है। केन्द्र सरकार ने वादा किया है कि सरकारी क्रय केन्द्रों पर पहुंचने वाले उड़द एवं तुवर की सम्पूर्ण मात्रा की खरीद की जाएगी।