धान की धीमी सरकारी खरीद से उड़ीसा के किसान नाराज

09-Dec-2025 10:15 AM

कटक। केंद्रीय पूल में धान -चावल का योगदान देने वाले एक महत्वपूर्ण राज्य उड़ीसा के बारगढ़ में सरकारी एजेंसियो द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर काफी धीमी गति से धान की खरीद की जा रही है जिससे वहां मंडियों में इस खाद्यान्न का अम्बार बन गया है और किसानो को अपना स्टॉक बेचने के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ रहा है। इस जिले में 28 नवंबर से धान की सरकारी खरीद आरम्भ हुई और इसके कुछ ही समय के बाद सुस्त पड़ गई। मंडियों में लगे अम्बार के बीच खरीद की अत्यंत धीमी रफ्तार से किसान बेहद नाराज है। उसने सरकार को जगह किया है कि यदि शीघ्र ही खरीद की गति तेज नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। 

मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है खरीद प्रक्रिया में विलंब होने से हजारो किसानों को टोकन प्राप्त करने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है और चावल मिलर्स के खरीदे गए धान का स्टॉक हटाने से पीछे हट गए है। 7 दिसंबर को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में बेस्टर्न किसानो का गुस्सा भड़कने की आशंका व्यक्त करते हुए आगाह किया कि प्रशासन को यथाशीघ्र इसमें हस्तक्षेप करके हालत को सामान्य बनाने पर ध्यान देना चाहिए। एक तो मंडियों को देर से खोला गया और दूसरे खरीद प्रक्रिया को लगभग निष्क्रिय रखा जा रहा है। केवल कुछ ही केन्द्रो पर किसानो से सांकेतिक मात्रा में धान खरीदा गया है। मंडियो में धान की हजारो बोरिया पड़ी हुई है और यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि इसकी खरीद कब और कैसे हो जाएगी विधान सभा का सत्र जारी रहने के बावजूद धान खरीद के बारे में सरकार का कोई ठोस प्लान सामने नहीं आ रहा है।