उत्तर प्रदेश में 17 मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करने का निर्णय
11-Mar-2025 01:35 PM
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025-26 के रबी मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं की खरीद नीति को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत राज्य के 6500 क्रय केन्द्रों पर 17 मार्च से लेकर 15 जून तक सरकारी एजेंसियों द्वारा गेहूं खरीदा जाएगा।
किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद की जाएगी। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने गेहूं का एमएसपी पिछले साल के 2275 रुपए प्रति क्विंटल से 150 रुपए बढ़ाकर इस बार 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है और उत्तर प्रदेश में इसी मूल्य स्तर पर किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गेहूं की खरीद के लिए आठ सरकारी एजेंसियों द्वारा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल मिलाकर 6500 क्रय केन्द्र खोले जाएंगे।
गेहूं की खरीद क्रय मशीन के इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट के माध्यम से होगी और किसानों का बायो मैट्रिक सत्यापन भी किया जाएगा किसानों को गेहूं के मूल्य का भुगतान खरीद के बाद 48 घंटों के अंदर पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश भारत में गेहूं का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है लेकिन केन्द्रीय पूल में वह इसका योगदान देने के मामले में पंजाब, मध्य प्रदेश एवं हरियाणा के बाद चौथे नंबर पर रहता है।
पिछले तीन वर्षों से राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। इस बार केन्द्र के निर्देश पर वहां किसानों से विशाल मात्रा में गेहूं खरीदने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में गेहूं का उत्पादन 320 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है जो पिछले साल से कुछ कम है। राज्य में गेहूं का थोक मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा है जिससे केन्द्रीय पूल के लिए इसकी खरीद करने में एजेंसियों को कठिनाई हो सकती है।
