उत्तर प्रदेश में कृषि परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक द्वारा 32.50 करोड़ डॉलर की सहायता

17-Dec-2024 11:17 AM

लखनऊ ।  विश्व बैंक ने उत्तर प्रदेश में कृषि परियोजनाओं के लिए 32.51 करोड़ डॉलर की राशि स्वीकृत की है जिसका उद्देश्य फसलों की उपज दर में सुधार, डिजीटल  एकीकरण तथा जलवायु रोधी पद्धतियों के जरिए किसानों की आमदनी में इजाफा करना है।

उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल इंटरप्राइज इकोसिस्टम स्टैनथेनिंग (यूपी एग्रीज) नामक इस प्रोजेक्ट से राज्य के 10 लाख किसानों को फायदा होगा।

इसके तहत खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुन्देल खंड संभाग के किसान लाभान्वित होंगे। वहां कृषि फसलों की उत्पादकता में वृद्धि तथा फसल कटाई के बाद सुविधाओं के विकास-विस्तार की लंबित चुनौतियों को इस परियोजना के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

पिछले एक दशक के दौरान उत्तर प्रदेश भारतीय कृषि क्षेत्र की एक अग्रणी ताकत के रूप में उभरा है। वह गेहूं तथा चावल एवं मटर तथा गन्ना का शीर्ष उत्पादक राज्य बना हुआ है जबकि वहां से विभिन्न कृषि उत्पादों का भारी निर्यात भी होने लगा है।

लेकिन फिर भी छोटे-छोटे किसानों को कमजोर उत्पादकता के कारण कठिन संघर्ष करना पड़ता है। वहां सुदूर देहाती इलाकों में बुनियादी ढांचा पुराने ढंग का है और किसानों को बैंकों तथा वित्तीय स्थानों से ऋण प्राप्त करने में भी काफी कठिनाई होती है।

नवीनतम कृषि तकनीक तक उसकी पहुंच नहीं है और कृषि संस्थानों की खरीद उसके वश से बाहर है। समझा जाता है कि विश्व बैंक की इस राशि से उसकी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा।