उत्तर प्रदेश में खाद्य उत्पादों की आपूर्ति के लिए नैफेड का टेंडर वैध
20-Mar-2026 07:35 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) ने उत्तर प्रदेश में समेकित बाल विकास सेवा स्कीम के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 (अप्रैल-मार्च) के लिए 27.68 अरब रुपए मूल्य के अनुपूरक पोषक खाद्य उत्पादों की रसीद आधरित आपूर्ति के लिए एक बड़ा टेंडर जारी किया गया है
उससे कई कंपनियां एवं संस्थाएं संतुष्ट नहीं हैं। इन संस्थाओं ने नैफेड के नियमों शर्तों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल की थी लेकिन अदालत ने उसे अस्वीकार करते हुए नैफेड के नियमों शर्तों को वैध करार दिया है।
नैफेड के टेंडर की पहली शर्त यह है कि जो बिडर्स इसमें भाग लेना चाहते हैं उसका उत्तर प्रदेश में अपना एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होना चाहिए।
दूसरी शर्त यह है कि बिडर्स के खिलाफ कोई क़ानूनी या आपराधिक मामला लंबित नहीं होना चाहिए जो खासकर राशन की आपूर्ति से सम्बन्धित हो।
उस पर कोई जुर्माना भी नहीं लगाया गया हो। टेंडर की अगली शर्त यह है कि बिडर्स का वार्षिक कारोबार 75 करोड़ रुपए या इससे ज्यादा होना चाहिए जिसका आंकलन पिछले तीन वित्त वर्ष के आंध्र पर प्रत्येक साल के लिए किया जाएगा।
याचिका कर्ताओं ने इन सभी शर्तों का विरोध करते हुए इसे मनमाना एवं संविधान की धाराओं के खिलाफ बताया और अदालत से नैफेड को अपने टेंडर से इन शर्तों को हटाने का निर्देश देने का आग्रह किया। लेकिन उच्च न्यायालय ने कई वर्षों के साथ इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।
