विश्व स्तर पर अनाजों की मांग एवं आपूर्ति में संतुलन कायम रहने की संभावना
19-Dec-2024 04:22 PM
शिकागो । अमरीका में पिछले पांच साल के दौरान तीन वर्षों में मक्का का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ जिससे इसका विशाल अधिशेष स्टॉक बचा रहा। संयोग से आपूर्ति के अनुरूप इसकी मांग भी बढ़ती रही और इसलिए इसका बकाया स्टॉक 2 अरब बुशेल से नीचे ही रहा।
2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान विश्व स्तर पर अनाज, दलहन एवं तिलहन की मांग एवं आपूर्ति के बीच एक बार फिर संतुलन बरकरार रहने की संभावना है। दरअसल मांग की रफ्तार के अनुरूप आपूर्ति की गति होने से कीमतों में अनियंत्रित बढ़ोत्तरी नहीं देखी जा रही है। यदि कुछ देशों में उत्पादन घटता या स्थिर रहता है तो कुछ अन्य देशों में यह बढ़ जाता है।
एक व्यापार विश्लेषक के मुताबिक वर्ष 2014 से 2020 के बीच मक्का का भाव 3.30 से 4.30 डॉलर प्रति बुशेल के बीच घूमता रहा जबकि इसका अगला स्तर 4.10 से 5.25 डॉलर प्रति बुशेल के बीच देखा जा रहा है।
कीमतों में यह वृद्धि अप्रत्याशित नहीं है बल्कि बढ़ते लागत खर्च का परिणाम है। पिछले ग्रीष्मकाल में मक्का का दाम घटकर नीचे आया था लेकिन उसके बाद इसमें तेजी आने लगी।
अमरीका से मक्का का निर्यात प्रदर्शन बेहतर चल रहा है और इसकी बिक्री की गति अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) द्वारा लगाए गए अनुमान से तेज देखी जा रही है।
उस्डा ने निर्यात लक्ष्य बढ़ाने से तो इंकार कर दिया लेकिन समीक्षकों का कहना है कि यदि बिक्री एवं शिपमेंट की वर्तमान गति आगे भी जारी रही तो कुल निर्यात नियत लक्ष्य से आगे निकल सकता है।
अमरीका से चीन को मक्का का सर्वाधिक निर्यात वर्ष 2021 में हुआ था मगर अब इसमें 86 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट आ गई है। दूसरी ओर मैक्सिको ने आयात बढ़ाकर इस आघात को कुछ हद तक नरम कर दिया है।
वहां सूखे का गंभीर संकट होने से मक्का के आयात में भारी वृद्धि हो रही है। समझा जाता है कि डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद मैक्सिको से आयातित माल पर 25 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाया जा सकता है जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तकरार बढ़ सकती है।
जहां तक सोयाबीन एवं गेहूं का सवाल है तो इसका वैश्विक उत्पादन भी शानदार होने के आसार हैं। अमरीका में सोयाबीन का उत्पादन बढ़ा है और अर्जेन्टीना में बढ़ने के आसार हैं जबकि ब्राजील में उत्पादन तेजी से उछलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
