यूरोपीय देशों में चावल के निर्यात हेतु निरीक्षण प्रमाण पत्र से छूट
11-Mar-2025 12:57 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने इंग्लैंड, आइसलैंड, लिचेंस्टीन, नार्वे एवं स्विट्जरलैंड को छोड़कर अन्य यूरोपीय देशों में बासमती तथा गैर बासमती चावल के निर्यात के लिए निरीक्षण प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ इंस्पेक्शन) की आवश्यकता से छूट की अवधि को अगले छह माह तक बढ़ा दिया है।
इस सम्बन्ध में 10 मार्च को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई जिसमें कहा गया कि उपरोक्त पांच देशों को छोड़कर अन्य किसी भी देश में चावल के निर्यात के लिए निरीक्षण प्रमाण पत्र लेना आवश्यक नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि आमतौर पर कृषि उत्पादों के शिपमेंट के लिए निर्यात निरीक्षण परिषद (ईआईसी) या निर्यात निरीक्षण एजेंसी (ईआईए) से निरीक्षण प्रमाण पत्र लेने की जरूरत पड़ती है जिससे यह साबित होता है कि निर्यात वाला उत्पाद अच्छी क्वालिटी का है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यूरोप के शेष देशों में चावल का निर्यात करने के लिए ईआईसी / ईआईए से इंस्पेक्शन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य नहीं होगा।
यह नियम इस अधिसूचना के जारी होने की तिथि से अगले छह माह की अवधि के लिए यानी 9 सितम्बर 2025 तक प्रभावी रहेगा।
इसके फलस्वरूप फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, इटली, स्पेन, डेनमार्क एवं बेल्जियम सहित अनेक अन्य देशों में निरीक्षण प्रमाण पत्र के बगैर भारत से चावल का निर्यात जारी रखा जा सकेगा।
भारत सरकार साबुत श्रेणी के चावल की सभी किस्मों के निर्यात को सीमा शुल्क तथा नियंत्रण- प्रतिबंध से पहले ही मुक्त कर चुकी है और इसलिए इसका शिपमेंट भी तेज गति से हो रहा है।
यूरोप के कुछ देश निरीक्षण प्रमाण पत्र की मांग करते हैं जिसमें इंग्लैंड, नार्वे, स्विट्जरलैंड, आइसलैंड तथा लिचेंस्टीन शामिल हैं।
शेष देशों की ऐसी कोई मांग नहीं रहती है। सरकार प्रत्येक छह माह पर इस तरह की अधिसूचना जारी करके निरीक्षण प्रमाण पत्र की जरूरत से छूट देने की घोषणा करती रहती है।
