15 नवम्बर तक बंदरगाहों पर खाद्य तेलों का स्टॉक बढ़कर 9.40 लाख टन पर पहुंचा
20-Nov-2024 04:25 PM
मुम्बई । विदेशों से भारत में क्रूड पाम तेल, आरबीडी पामोलीन, क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल तथा क्रूड सूरजमुखी तेल का नियमित रूप से आयात हो रहा है जिससे भारतीय बंदरगाहों पर इसका अच्छा खासा स्टॉक उपलब्ध रहता है। इसके साथ-साथ पाइप लाइन में भी खाद्य तेलों का भारी स्टॉक मौजूद रहता है जिसे घरेलू बाजार में उतारा जाता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 31 अक्टूबर 2024 को भारतीय बंदरगाहों पर कुल 6,31,302 टन खाद्य तेलों का स्टॉक मौजूद था जो 15 नवम्बर 2024 को करीब 49 प्रतिशत बढ़कर 9,39,707 टन पर पहुंच गया।
इसके तहत समीक्षाधीन अवधि में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का स्टॉक 2,35,400 टन से 35 प्रतिशत बढ़कर 3,17,358 टन, आरबीडी पामोलीन का 1,02,860 टन से 53 प्रतिशत बढ़कर 1,57,765 टन, क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल का 1,10219 टन से 68 प्रतिशत उछलकर 1,85,017 टन तथा क्रूड सुजरमुखी तेल का स्टॉक 1,63,867 टन से 56 प्रतिशत बढ़कर 2,54,814 टन पर पहुंचा। अन्य खाद्य तेलों का स्टॉक भी इस अवधि में 18,956 टन से 31 प्रतिशत सुधरकर 24,753 टन पर पहुंच गया।
भारत में लगभग 20-21 लाख टन खाद्य तेलों की औसत मासिक खपत होती है जबकि विदेशों से भारी मात्रा में इसका आयात किया जाता है।
यहां मुख्यत: इंडोनशिया मलेशिया एवं थाईलैंड से पाम समूह के तेल, अर्जेन्टीना तथा ब्राजील से सोयाबीन तेल और रूस, रोमानिया, यूक्रेन एवं अर्जेन्टीना से सूरजमुखी तेल का आयात किया जाता है।
केन्द्र सरकार ने बंदरगाह अधिकारियों को सख्त निदेश दे रखा है कि विदेशों से आयातित खाद्य तेलों की खेपों को कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर अनावश्यक रूप से रोक कर न रखा जाए और उसे यथासंभव जल्दी से जल्दी डिस्पैच की अनुमति दी जाए।
हाल ही में सरकार ने क्रूड एवं रिफाइंड श्रेणी के खाद्य तेलों पर मौलिक आयात शुल्क में 20 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है।
