2024-25 सीजन के लिए एथनॉल के आवंटन का विश्लेषण

22-Oct-2024 05:12 PM

पुणे । तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने 2024-25 के एथनॉल आपूर्ति वर्ष (सी) के लिए जो टेंडर जारी किया है उससे विभिन्न कच्चे माल (फीड स्टॉक) से निर्मित एथनॉल के आवंटन में सबकी दिलचस्पी बढ़ गई है।

इस आवंटन का विश्लेषण करना आवश्यक है। डालमिया भारत शुगर & इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शुगर बिज़नेस के डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कपिल नेमा ने इसका सटीक विवरण प्रस्तुत किया है। 

इनके अनुसार गन्ना रस से निर्मित 189 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति का टेंडर जारी हुआ है जो सकल आपूर्ति मात्रा का 22.6 प्रतिशत है। मालूम हो कि एक टन गन्ना जूस से लगभग 600 लीटर एथनॉल का निर्माण होता है।

इसे कन्वर्जन रेट कहा जाता है। इसी तरह बी हैवी शीरा से निर्मित 114 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति का टेंडर जारी हुआ है जो कुल टेंडर मटर का 13.6 प्रतिशत है।

बी हैवी शीरा से एथनॉल का कन्वर्जन रेट 300 लीटर प्रति टन रहता है। 189 करोड़ लीटर एथनॉल का उत्पादन करने के लिए विशाल मात्रा में गन्ना की आवश्यकता पड़ेगी।

सी हैवी शीरा से निर्मित 9 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की जानी है जो कुल आवंटन का 1.1 प्रतिशत है। इसके लिए चीनी के डायवर्जन की जरूरत नहीं पड़ती।

जहां तक अनाज आधारित डिस्टीलरीज से एथनॉल की आपूर्ति का सवाल है तो इसके तहत क्षतिग्रस्त खाद्यान्न से निर्मित 94 करोड़ लीटर एथनॉल की सप्लाई होती है जो कुल आवंटित मात्रा का 11.2 प्रतिशत है।

इसका कन्वर्जन रेट 450 लीटर प्रति टन आंका जाता है। इस एथनॉल उत्पादन के लिए 2.10 लाख टन चावल की जरूरत पड़ेगी। मक्का से निर्मित 431 करोड़ लीटर एथनॉल की सप्लाई का टेंडर जारी हुआ है जो कुल आवंटन का 51.5 प्रतिशत है।

इसका कन्वर्जन रेट 380 लीटर प्रति टन माना जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि के टन मक्का की प्रोसेसिंग से 380 लीटर एथनॉल का उत्पादन हो सकता है और इसलिए 431 करोड़ लीटर एथनॉल के निर्माण के लिए 113.40 लाख टन मक्का की आवश्यकता पड़ेगी।

यदि इस उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया गया तो अन्य उपभोक्ता उद्योगों के लिए मक्का का अभाव उत्पन्न हो सकता है।