साप्ताहिक समीक्षा- धनिया

25-Apr-2026 07:45 PM

मुनाफावसूली बिकवाली से घटे धनिया के भाव 

नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान धनिया की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आने के कारण बाजार में मुनाफावसूली बिकवाली बढ़ गई है। जिस कारण से सप्ताह के अंत में वायदा एवं हाजिर बाजारों में धनिया के भाव मंदे के साथ बोले गए। जैसा कि   आई ग्रेन इंडिया ने अपने 4 अप्रैल के अंक में लिखा भी था कि कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आने के कारण बाजार में मुनाफावसूली बिकवाली बढ़ने पर कीमतों में 5/8 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ सकती है। मगर अधिक मंदे के आसार नहीं है। क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्यों गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में धनिया की आवक घटनी शुरू हो गई है। 
उल्लेखनीय है कि बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के कारण चालू सीजन के दौरान भी देश में धनिया का उत्पादन कम माना जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि इस वर्ष देश में धनिया का उत्पादन 95/97 लाख बोरी के आसपास रहेगा। जबकि 2025 में उत्पादन 1.10 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2024 में 1.20 करोड़ बोरी का उत्पादन माना गया था वर्ष 2023 में देश में धनिया का रिकॉर्ड उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का रहा था। 
कीमतों में तेजी 
पैदावार में कमी एवं बकाया स्टॉक भी कम रह जाने के कारण सीजन के साथ ही धनिया की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। और मंडियों में ईगल क्वालिटी का भाव 130 रुपए का स्तर पार कर गया जबकि बादामी का भाव 120 रुपए के स्तर क्रॉस कर गया जोकि अब तक के इतिहास में सर्वोच्च भाव बना है। खपत की तुलना उपलब्धता कम रहने के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है कि चालू सीजन के दौरान धनिया ईगल का भाव 145/150 रुपए का स्तर छू सकता है। वर्तमान में निर्यात मांग कम बनी हुई है साथ ही ऊंचे भावों पर लोकल स्टॉकिस्टों की खरीद भी सीमित है।
जानकारों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान 95/97 लाख बोरी की पैदावार एवं 20/25 लाख बोरी का बकाया स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता 1.20/1.25 करोड़ बोरी की रहेगी। जबकि निर्यात एवं लोकल खपत को मिलाकर 1.40/1.50 करोड़ बोरी की आवश्यकता होती है। जिस कारण से धनिया का भविष्य अच्छा रहेगा। बशर्ते आगामी दिनों में आयात न हो।
घटने लगी आवक 
सूत्रों का कहना है कि कुल उत्पादन का गुजरात की मंडियों में लगभग 70/75 प्रतिशत माल आ चुका है। जबकि राजस्थान भी करीब 75/80 प्रतिशत माल मंडियों में आने के समाचार मिल रहे हैं। लेकिन आवक में विलम्ब होने के कारण मध्य प्रदेश की मंडियों में लगभग 50/60 प्रतिशत माल आने के समाचार है। जिस कारण से आगामी 10/15 दिनों तक मध्य प्रदेश की मंडियों में आवक अच्छी रहेगी। लेकिन मई माह के प्रथम सप्ताह में आवक घटनी शुरू हो जाएगी। तत्पश्चात बाजार धीरे-धीरे बढ़ते रहेंगे। 
निर्यात 
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह में धनिया का निर्यात मात्रात्मक रूप में 5 प्रतिशत बढ़ा है जबकि आय में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जनवरी 2026 के दौरान धनिया का निर्यात 52006 टन का हुआ है। और निर्यात से प्राप्त आय 570.29 करोड़ की रही। जबकि गत सीजन में अप्रैल- जनवरी- 2025 के दौरान धनिया का निर्यात 49396 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 520.21 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60330 टन का रहा था। जबकि वर्ष 2023-24 में रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का हुआ था।