साप्ताहिक समीक्षा- धान-चावल

25-Apr-2026 07:51 PM

मिलर्स एवं निर्यातकों की लिवाली के अनुरूप धान-चावल में उतार-चढ़ाव 

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में धान की सीमित आवक हो रही है जबकि पश्चिम एशिया में जारी संकट अभी समाप्त नहीं हुआ है और इसलिए खासकर बासमती चावल के निर्यात में अनिश्चितता बनी हुई है। मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं स्टॉकिस्ट / निर्यातक पूरी सजगता-सतर्कता एवं सावधानी के साथ धान-चावल की खरीद कर रहे हैं। इसके फलस्वरूप 18-24 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान इसकी कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। आगे भी बाजार की धारणा में विशेष बदलाव की उम्मीद नहीं है।
निर्यात  
गैर बासमती चावल का निर्यात प्रदर्शन लगभग समाप्त है क्योंकि अफ्रीकी देश इसके प्रमुख खरीदार हैं। दूसरी ओर बासमती चावल का अधिकांश निर्यात पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में होता है जहां माहौल अब भी अशांत बना हुआ है। 
दिल्ली 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में 2500-4500 बोरी धान की दैनिक आवक हुई और 1509 हैण्ड का भाव 105 रुपए घटकर 4415 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा एवं राजिम मंडियों में क्रमश: 4500 बोरी एवं 400-800 बोरी धान रोजाना पहुंचा और एचएमटी का दाम 200 रुपए प्रति क्विंटल नीचे गिर गया। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश में केवल शाहजहांपुर एवं अलीगढ की मंडियों में धान की थोड़ी-बहुत आवक हुई मगर कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। हरियाणा की मंडियां अभी वीरान हैं लेकिन राजस्थान की बूंदी एवं कोटा मंडी में इसकी नियमित आवक हो रही है। सप्ताह के दौरान वहां कीमतों में 200-300 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा दर्ज किया गया। 
चावल 
जहां तक चावल का सवाल है तो मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप इसकी कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। भाटापाड़ा में  श्री राम चावल का भाव 200 रुपए गिरकर 6200 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। 
अमृतसर 
इसी तरह अमृतसर में विभिन्न किस्मों एवं श्रेणियों के चावल के दाम में 50 से 350 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई। बूंदी मंडी में भी कीमत 100 से 350 रुपए प्रति क्विंटल तक तेज हो गई। दिल्ली के नया बाजार में मिश्रित रुख देखा गया।