आईस्टा द्वारा 2025-26 में 296 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान
30-Jan-2026 11:44 AM
मुम्बई। हालांकि दो अग्रणी उद्योग संगठन- इस्मा तथा एनएफसीएसएफ ने 2025 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में 300 लाख टन से अधिक चीनी के घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया है लेकिन शीर्ष व्यापारिक संस्था- ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (आईस्टा) का कहना है
कि वास्तविक उत्पादन 296 लाख टन तक ही पहुंच सकता है जो 2024-25 सीजन के उत्पादन से करीब 13 प्रतिशत अधिक होगा। एसोसिएशन के अनुसार 2024-25 सीजन के दौरान देश में करीब 262 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।
तीन शीर्ष उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक में चीनी के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।
पिछले सीजन की तुलना में चालू सीजन के दौरान महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 81 लाख टन से 33 प्रतिशत उछलकर 108 लाख टन उत्तर प्रदेश में 93 लाख टन से सुधरकर 94 लाख टन तथा कर्नाटक 43 लाख टन से 14 प्रतिशत बढ़कर 49 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
एसोसिएशन के अनुसार महाराष्ट्र में कम से कम फरवरी के अंत तक गन्ना की क्रशिंग जारी रहने की उम्मीद है जबकि पुणे एवं सोलापुर संभाग की तीन-तीन मिलों और जालना एवं लातूर जिले की इकाइयों में फरवरी के बाद भी गन्ना की क्रशिंग जारी रह सकती है।
उधर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर एवं बिजनौर जिले में रातून गन्ना की उपज दर में 15-20 प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है लेकिन गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर गत वर्ष के 10.65 प्रतिशत से सुधरकर इस बार 10.90 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद है।
आईस्टा के मुताबिक 2025-26 के मौजूदा सीजन में देशभर की मिलों द्वारा एथनॉल निर्माण में करीब 34 लाख टन चीनी के समतुल्य गन्ना अवयवों का इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।
2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 47 लाख टन के पिछले बकाया स्टॉक तथा 296 लाख टन के उत्पादन के साथ चीनी की कुल उपलब्धता 343 लाख टन पर पहुंचेगी।
चीनी की घरेलू खपत 295 लाख टन के आसपास हो सकती है जबकि देश से लगभग 8 लाख टन चीनी का निर्यात हो सकता है।
मार्केटिंग सीजन के अंत में उद्योग के पास करीब 48 लाख टन चीनी का अधिशेष स्टॉक बचने की संभावना है। सरकार ने 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति प्रदान की है।
