आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से गेहूं का भाव मजबूत रहने की सम्भावना
09-Nov-2024 01:06 PM
नई दिल्ली। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने, मिलर्स - प्रोसेसर्स की मांग मजबूत रहने तथा केंद्र सरकार द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने स्टॉक से बिक्री शुरू नहीं किए जाने से गेहूं की कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ है। गेहूं पर लगे 40 प्रतिशत के आयात शुल्क को घटाने से भी सरकार ने इंकार कर दिया है और मंडियों में इसकी आपूर्ति घटती जा रही है। रबी सीजन मिग गेहूं की बोआई का अभियान पहले ही आरम्भ हो चुका है।
दक्षिण भारत में रेलवे माल गोदाम तक की डिलीवरी के लिए गेहूं का भाव बढ़कर 3400 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर पहुंच गया है जो सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर से काफी ही नीचे हैं। इसे देखते हुए वहां फ्लोर मिलर्स द्वारा केंद्र सरकार से ओएमएसएस को तत्काल शुरू करने की जोरदार मांग की जा रही है। मिलर्स का कहना है कि यदि सरकार अपने स्टॉक से गेहूं नहीं बेचना चाहती है तो उसे विदेशों से इसके शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति प्रदान करना चाहिए।
एक अग्रणी उद्योग विश्लेषक के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा एवं पंजाब जैसे राज्यों में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं है। केवल उत्तर प्रदेश में स्टॉक मौजूद होने से कीमतों में भारी तेजी देखी जा रही है। दिल्ली में भाव उछलकर 3200 रुपए प्रति क्विंटल क्विंटल के करीब पहुंच गया है। यूपी में भी दाम काफी ऊंचा हो गया है। गेहूं की मांग एवं आपूर्ति का समीकरण बहुत जटिल हो गया है और केवल प्राइवेट स्टॉकिस्ट के माध्यम से ही यह प्राप्त हो रहा है। सरकार ने अपना स्टॉक उतारने से फ़िलहाल मना कर दिया है।
दरअसल गेहूं पर भंडारण सीमा लागू है और व्यापारियों-स्टॉकिस्टों को सरकारी पोर्टल पर अपने स्टॉक का विवरण देना पड़ता है। खाद्य मंत्रालय का मानना है कि स्टॉकिस्टों के पास गेहूं का विशाल स्टॉक मौजूद है इसलिए विदेशों से इसके आयात की जरुरत नहीं है। कृषि मंत्रालय के अधीनस्थ निकाय-एगमार्कनेट के आकड़ों से पता चलता है कि कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएसपी) के परिसरों या थोक मंडियों में गेहूं का भारित औसत मूल्य फ़िलहाल 2811 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है जो न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपए प्रति क्विंटल से काफी ऊंचा है। उपभोक्ता मामले विभाग के आकड़ों के अनुसार गेहूं का खुदरा मूल्य गत माह की तुलना में 2.2 प्रतिशत एवं पिछले साल के मुकाबले 4.44 प्रतिशत बढ़कर अब 31.98 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर पहुंच गया है। इसमें आगे और तेजी आने की सम्भावना बनी हुई है।
