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आठ महीनों में तुवर का आयात 44 प्रतिशत बढ़ा

26-Oct-2026 08:10 PM

आठ महीनों में तुवर का आयात 44 प्रतिशत बढ़ा

मुम्बई। दोनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में भयंकर सूखे के प्रकोप से उत्पादन घटने की आशंका को देखते हुए भारतीय आयातक विदेशों से अरहर (तुवर) का आयात बढ़ाने का जोरदार प्रयास कर रहे हैं।

शीर्ष व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेंस एसोसिएशन के अनुसार चालू वर्ष के शुरुआती आठ महीनों में यानी जनवरी-अगस्त 2026 के दौरान देश में तुवर का आयात बढ़कर 6.25 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के आयात 4.34 लाख टन से 44 प्रतिशत ज्यादा है। वैसे पिछले दो सप्ताहों से तुवर की मांग एवं कीमत कुछ कमजोर देखी जा रही है। 

एसोसिएशन द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल के मुकाबले चालू वर्ष के आरम्भिक आठ महीनों के दौरान भारत में म्यांमार से 1.53 लाख टन, मोजाम्बिक से सर्वाधिक 2.29 लाख टन तंजानिया से 1.10 लाख टन, सूडान से 72 हजार टन तथा अन्य देशों से 61 हजार टन तुवर का आयात हुआ जबकि घरेलू बाजार भाव अब नरम पड़ने लगा है। अफ्रीकी देशों में तुवर के नए माल की अच्छी आवक हो रही है। 

लगातार दो सप्ताह के दौरान घरेलू एवं आयातित तुवर के दाम में गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख आपूर्तिकर्ता देशों और खासकर म्यांमार में तुवर का निर्यात ऑफर मूल्य गिरकर कुछ नीचे आ गया। भारतीय रुपए की विनिमय दर में थोड़ी मजबूत आई है जबकि मांग भी कमजोर पड़ी है। बाजार में  आर्थिक तंगी भी देखी जा रही है। घरेलू फसल आने में भी कुछ देर है।