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02-Nov-2026 07:29 PM
विशाखापट्नम। दक्षिणी राज्यों पर एक और समुद्री च्रकवाती तूफान- मुरासु का खतरा मंडरा रहा है जो आंध्र प्रदेश तमिलनाडु एवं उड़ीसा के तटवर्ती क्षेत्रों से टकराने वाला है।
समुद्र में इस तूफान की मौजूदा रफ्तार 100-110 कि०मी० प्रति घंटा है जबकि इसकी अधिकतम गति 120 कि०मी० प्रति घंटा तक देखी जा रही है। फिलहाल यह तूफान तटवर्ती क्षेत्रों से कुछ ही दूर है इसलिए शीघ्र ही इससे गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व आए अर्नब नामक भयंकर समुद्री चक्रवाती तूफान से आंध्र प्रदेश को भारी नुकसान हुआ था और कुछ अन्य समीपवर्ती प्रान्त भी प्रभावित हुए थे।
मौसम विभाग के अनुसार 'मुरासु' चक्रवाती तूफान नेल्लोर और नरमापुर के बीच तटवर्ती क्षेत्र से टकराते हुए भारत की मुख्य भूमि के ऊपर पहुंच सकता है। उड़ीसा में अंगोले से दक्षिण की ओर इस तूफानी हवा का प्रवाह देखा जा रहा है।
इस बीच उड़ीसा के मुख्यमंत्री ने अर्नब तूफान से प्रभावित परिवारों के लिए स्पेशल पैकेज की घोषणा की है जबकि वहां मुरासु तूफान की गतिविधियों पर गहरी नजर रखी जा रही है।
उधर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने नवम्बर में देश के कुछ प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद व्यक्त की है जिससे बिजाई की रफ्तार बढ़ाने में किसानों को सहायता मिलेगी।
उसके साथ-साथ मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अर्नब तूफान के मुकाबले मुरासु चक्रवाती तूफान की तीव्रता कुछ कम रह सकती है लेकिन फिर भी इसके प्रभाव से दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है।