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02-Nov-2026 07:25 PM
नई दिल्ली। उम्मीद के विपरीत सरसों का रकबा इस बार गत वर्ष से काफी पीछे चल रहा है जबकि यह रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल है। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 413 रुपए बढ़ाकर 6613 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जबकि इसका थोक मंडी भाव 8000-9000 रुपए प्रति क्विंटल के शीर्ष स्तर पर चल रहा है। इससे किसानों को अत्यन्त आकर्षक और लाभप्रद आमदनी प्राप्त हो रही है।
हालांकि रबी कालीन मूंगफली एवं सूरजमुखी की बिजाई की गति लगभग सामान्य है लेकिन सरसों के उत्पादन क्षेत्र में भारी गिरावट आने से तिलहन-फसलों का कुल क्षेत्रफल गत वर्ष से काफी पीछे हो गया है।
सरसों के प्रमुख उत्पादक राज्यों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात एवं बिहार आदि शामिल है। उपरोक्त प्रांतों में मानसूनी वर्षा का वितरण असमान रहा है।
30 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय स्तर पर सरसों का कुल उत्पादन क्षेत्र 20.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र की तुलना में करीब आधा था।