आवक बढ़ने पर घटेंगे लालमिर्च के भाव
22-Jan-2026 07:32 PM
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान लालमिर्च की कीमतों में 50/55 रुपए प्रति किलो की उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। मगर सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में तेजी आपसी सट्टेबाजी के चलते आई है। आगामी दिनों में नए मालों की आवक बढ़ने पर कीमतों में अवश्य ही गिरावट आएगी। हालांकि यह सच है कि इस वर्ष लालमिर्च का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहेगा। क्योंकि उत्पादक केन्द्रों पर इस वर्ष बिजाई क्षेत्रफल में 30/35 प्रतिशत की कमी आई है। आगामी सट्टेबाजी एवं नए मालों की आवक भी आशानुरूप न बढ़ने के कारण गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 205 रुपए एवं खम्मम में 211 रुपए प्रति किलो का स्तर छू गया है। मगर ऊंचे भावों पर लिवाली का समर्थन कमजोर मिलने के कारण गुंटूर मंडी में लालमिर्च के भाव नरमी के साथ बोले गए और भाव 195 रुपए पर बोला जाने लगा है।
सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में मंडियों में नए मालों की आवक का दबाव बनने पर कीमतों में गिरावट आएगी। लेकिन अधिक नहीं। क्योंकि अच्छी क्वालिटी के मालों का स्टॉक कम रह जाने एवं नई पैदावार भी घटने के अलावा नए मालों की क्वालिटी भी हल्की रहने से कीमतों में अधिक मन्दा संभव नहीं है। सूत्रों का मानना है कि आवक के दबाव के समय गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 175/180 रुपए बन जाने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं।
आवक
उत्पादक केन्द्रों की मंडियों में नए मालों की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। आवक का दबाव फरवरी माह में बनेगा। आंध्र प्रदेश की गुंटूर मंडी में नए मालों की आवक 35/40 हजार बोरी, खम्मम 12/15 हजार बोरी एवं वारंगल 4/5 हजार बोरी की होने लगी है।
पैदावार कम
कमजोर बिजाई एवं प्रतिकूल मौसम के चलते चालू सीजन के दौरान आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन 1.25 करोड़ बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन डेढ़ करोड़ बोरी के आसपास माना गया था। तेलंगाना में उत्पादन गत वर्ष 60/65 लाख बोरी के मुकाबले 45/50 लाख बोरी होने की संभावना है। कर्नाटक में भी पैदावार कम रहने के समाचार मिल रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी पैदावार कम रही।
निर्यात
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम सात माह में लालमिर्च का निर्यात मात्रात्मक रूप में 31 प्रतिशत बढ़ा है जबकि भाव कम मिलने के कारण आय में 9 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर- 2025 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 432436 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 5886 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-अक्टूबर- 2024 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 330695 टन का हुआ था। और निर्यात से प्राप्त आय 5398.63 करोड़ की रही थी।
