अगले सप्ताह से उत्तर-पूर्व मानसून की सक्रियता तेजी से बढ़ने का अनुमान
24-Oct-2025 04:10 PM
तिरुअनन्तपुरम। उत्तर-पूर्व मानसून का आगमन पहले ही हो चुका है और इसके प्रभाव से देश के दक्षिणी राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है।
अगले सप्ताह से इसकी सक्रियता में जबरदस्त तेजी आने का अनुमान है जिससे दक्षिणी प्रायद्वीप के साथ-साथ पश्चिमी राज्यों एवं मध्यवर्ती भारत में भी जोरदार बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर 22 अक्टूबर को वर्षा वाहित डिप्रेशन बना था जो 23 अक्टूबर को भी बरकरार रहा। इसका रास्ता धीरे-धीरे कर्नाटक एवं गोवा से हटकर मुम्बई एवं कोंकण की तरफ हो गया है।
एक अन्य कम दाब का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना था मगर यह ज्यादा सघन नहीं हुआ और न ही डिप्रेशन में बदल सका।
बाद में इसका प्रवाह दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक एवं उससे सटे उत्तरी केरल की तरफ हो गया। यह आगे बढ़कर अरब सागर में पहुंच सकता है और वहां मौजूद डिप्रेशन में समाहित होकर उसे मजबूत कर सकता है।
दक्षिणी प्रायद्वीप के दूसरे भाग में बंगाल की खाड़ी के ऊपर हलचल तेज होने लगी है वहां एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन का निर्माण हुआ है जो 24 अक्टूबर तक कम दाब के क्षेत्र के रूप में संचालित हो सकता है।
यह आगे बढ़कर तमिलनाडु- आंध्र प्रदेश तट पर पहुंच सकता है और 25 अक्टूबर तक काफी सघन हो जाएगा। उधर फेंगसेन नामक समुद्री चक्रवाती तूफान 22 अक्टूबर को वियतनाम तट को पार कर गया जबकि ताईवान समुद्री इलाके में भी एक डिप्रेशन का अवशेष मौजूद है। इससे बंगाल की खाड़ी के ऊपर निर्मित कम दाब के क्षेत्र को जल्दी ही मजबूती और सघनता मिल सकती है।
इन सब समुद्री घटनाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान केरल, माही, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, रॉयल सीमा,
अंडमान निकोबार द्वीप समूह, कोकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वी गुजरात, सौराष्ट्र एवं कच्छ में भारी वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया है। कुछ क्षेत्रों में वर्षा आरंभ हो चुकी है। अन्य इलाकों में 25-26 अक्टूबर को जोरदार बारिश होने की संभावना है। उत्तरी रज्यों में वर्षा के बहुत कम आसार हैं।
