अमरीकी करार के कारण बांग्लादेश में भारतीय सोयामील का निर्यात होगा प्रभावित

06-Nov-2025 11:09 AM

इंदौर। अमरीका और बांग्लादेश के बीच एक करार हुआ है जिसके तहत अमरीका बांग्लादेश को एक अरब डॉलर मूल्य के सोयाबीन का निर्यात करेगा इससे बांग्ला देश में सोयाबीन तथा इसके उत्पादों की आपूर्ति एवं उपलब्धता काफी बढ़ जाएगी जिससे भारत से सोयामील का निर्यात प्रभावित होगा।

पिछले मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर- 2024- सितम्बर 2025) के दौरान भी बांग्ला देश में भारतीय सोयामील के आयात की गति धीमी रही थी जिससे भारत के निर्यातक पहले से ही चिंतित हैं जबकि आगे इसकी चिंता और भी बढ़ने की आशंका है। 

उल्लेखनीय है कि बांग्ला देश परम्परागत रूप से भारतीय सोयामील के सबसे प्रमुख खरीदार देशों में शामिल रहा है मगर पिछले सीजन में वहां आयात काफी घट गया।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 2023-24 के दौरान भारत से बांग्ला देश को 3.02 लाख टन सोया डीओसी का निर्यात किया गया था जो 2024-25 में 46 प्रतिशत घटकर 1.63 लाख टन पर अटक गया। 

इंदौर स्थित संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के कार्यकारी निदेशक का कहना है कि बांग्ला देश भारी ,मात्रा में अमरीका से सोयाबीन का सस्ता आयात कर रहा है। इससे 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में उसे सोयामील का आयात सीमित रखने में सहायता मिली।

2025-26 के सीजन में भी वहां भारतीय सोयामील के आयात में कमी आ सकती है क्योंकि घरेलू स्रोतों से इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता में बढ़ोत्तरी हो जाएगी।

बांग्ला देश ने हाल ही में अमरीका से 1 अरब डॉलर मूल्य का सोयाबीन मंगाने का करार किया है जिसका मतलब यह है कि वह भारत से सोयामील का ज्यादा आयात नहीं करेगा। 

ढाका स्थित अमरीकी दूतावास के अनुसार बांग्ला देश में सोयाबीन क्रशिंग की तीन अग्रणी कंपनियों के समूह ने अगले 12 महीनों में अमरीका से एक अरब डॉलर मूल्य के सोयाबीन का आयात करने का निर्णय लिया है।

अमरीका के लिए यह करार बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि चीन में निर्यात ठप्प पड़ने से उसे अपने सोयाबीन के शिपमेंट में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।