अमरीका में भारतीय चावल की डम्पिंग की शिकायत निराधार
16-Dec-2025 08:16 PM
नई दिल्ली। यद्यपि अमरीका के कुछ मिलर्स अमरीकी बाजार में भारतीय चावल की डम्पिंग की शिकायत कर रहे हैं और अफ्रीकी राष्ट्रपति ने इसे सही मानते हुए आगे की कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है लेकिन भारत सरकार ने इस शिकायत (आरोप) को पूरी तरह नकारते हुए इसे निराधार एवं मनगढ़ंत बताया है।
केन्द्रीय वाणिज्य सचिव ने कहा है कि अमरीका में भारत से मुख्यतः महंगे बासमती चावल का निर्यात होता है जिसकी डम्पिंग की संभावना नहीं रहती है। अमरीका ने भारतीय चावल के लिए अभी तक डम्पिंग (जमावड़ा) की जांच-पड़ताल भी आरंभ नहीं की है।
वाणिज्य सचिव के अनुसार प्रथम द्रष्टया अमरीका में भारतीय चावल की डम्पिंग का कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि भारत से वहां अधिकांशतः ऊंचे दाम वाले प्रीमियम क्वालिटी के चावल का निर्यात किया जाता है जिसका उत्पादन अमरीका में नहीं होता है।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र के समीक्षकों का भी कहना है कि भारतीय चावल से अमरीका के मिलर्स को कोई खतरा नहीं है और न ही इसकी कोई डम्पिंग होती है। वाणिज्य सचिव के मुताबिक भारत से अमरीका को जिस बासमती चावल का निर्यात होता है वह एक जीआई उत्पाद है।
अमरीका को भारत से होने वाले चावल के कुल शिपमेंट में चावल का बहुत कम निर्यात होता है। सामान्य किस्म के मुकाबले बासमती चावल का निर्यात मूल्य बहुत ऊंचा रहता है इसलिए वहां के आयातक केवल घरेलू मांग एवं खपत के अनुरूप ही इसको मंगाते हैं। इसकी कोई जांच-पड़ताल भी नहीं हो रही है।
उल्लेखनीय है कि चालू माह के आरंभ में व्हाइट हाउस में एक गोल मेज सम्मेलन के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा था कि वे भारत, थाईलैंड और चीन सहित उन तमाम देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने पर विचार कर सकते हैं जिस पर अमरीका में चावल की डम्पिंग करने का आरोप लगाया जा रहा है।
गोल मेज सम्मेलन के दौरान कुछ किसान प्रतिनिधियों ने जब चावल की डम्पिंग की शिकायत की थी तब अमरीकी राष्ट्रपति ने इस मामले को 'देखने' का आश्वासन दिया था। उनका कहना था कि ऊंचा टैरिफ लगाकर उस समस्या को आसानी से सुलझाया जा सकता है।
