अमरीका में भारतीय मसालों पर आयात शुल्क से राहत देने की जोरदार मांग
30-Oct-2025 04:54 PM
बोस्टन। अमरीकन स्पाइस ट्रेड एसोसिएशन (आस्टा) को भारत और अमरीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) सफल होने की उम्मीद है। ट्रम्प प्रशासन की नई टैरिफ नीति से अमरीका में भारतीय कालीमिर्च का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है जिससे अमरीका को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आस्टा चाहता है कि भारतीय मसालों और खासकर कालीमिर्च के आयात पर लगाए गए टैरिफ को कम या खत्म किया जाएगा।
आस्टा के कार्यकारी निदेशक का कहना है कि भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लागू होने से अमरीका में सम्पूर्ण उद्योग और विशेषकर खाद्य, कूलिनरी, फार्मास्युटिकल्स, अल्कोहल और यहां तक कि ऑटो पार्ट्स क्षेत्र को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मसाला उद्योग विशेष रूप से इस ऊंचे टैरिफ से परेशान है और वहां भारतीय कालीमिर्च का आयात काफी ऊंचे दाम पर करना पड़ता है। यह स्थिति अमरीकी उपभोक्ताओं के लिए कष्टदायक है।
पिछले कुछ महीनों से टैरिफ को घटाने या बढ़ाने के बारे में की जा रही घोषणाओं में तेजी से बदलाव हो रहे हैं जिससे अमरीकी उद्योग को अपनी गतिविधि और क्रियाशीलता को बरकरार रखने में काफी कठिनाई हो रही है।
खरीदारों एवं विक्रेताओं के बीच अक्सर अग्रिम तौर पर अनुबंध हो जाते हैं। लेकिन कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आने से अनुबंधों को अंजाम तक पहुंचाना कठिन हो रहा है।
कोच्चि में आयोजित इंटरनेशनल पीपर कम्युनिटी (आईपीसी) की बैठक में भाग लेने आये आस्टा के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि कालीमिर्च एवं मसालों पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत के वर्तमान स्तर से घटाकर 20 प्रतिशत पर लाये जाने की उम्मीद है
आस्टा ऐसे सभी कृषि उत्पादों और मसालों को टैरिफ से मुक्त करने की मांग कर रहा है जिसका उत्पादन अमरीका में नहीं या नगण्य होता है। कालीमिर्च भी उसमें निश्चित रूप से शामिल है। आस्टा को भरोसा है कि इसके आयात को अमरीका पूरी तरह शुल्क मुक्त कर सकता है।
