अमरीका में भारतीय उत्पादों पर टैरिफ में भारी कटौती होने की उम्मीद
24-Oct-2025 07:32 PM
नई दिल्ली। भारत और अमरीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता जल्दी ही होने की संभावना है और इसके फलस्वरूप अमरीका में जिन भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत का आयात शुल्क (टैरिफ) लगाया गया है उसे घटाकर 15 प्रतिशत तक नीचे लाया जा सकता है।
जानकारों के अनुसार द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के क्रम में ऊर्जा एवं कृषि क्षेत्र का मुद्दा सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषय में शामिल है और भारत इन क्षेत्रों में अमरीका को कुछ रियायत देने का प्रस्ताव कर सकता है।
अमरीकी वार्ताकार दावा कर रहे हैं कि भारत धीरे-धीरे रूस से क्रूड खनिज तेल की खरीद में कटौती करेगा और अमरीका से गैर जीएम सोयाबीन एवं मक्का के आयात के लिए अपना बाजार खोल देगा।
भारत को लगता है कि उसके घरेलू प्रभाग में पोल्ट्री, डेयरी तथा एथनॉल उद्योग में तेजी से बढ़ती मांग एवं जरूरत को पूरा करने में अमरीकी उत्पाद सहायक साबित होंगे और इससे भारतीय किसानों का हित भी प्रभावित नहीं होगा। भारत में फिलहाल अमरीका से सोयाबीन तथा मक्का का आयात नहीं या नगण्य होता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान भारत और अमरीका के बीच 186 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। इसके तहत भारत ने अमरीका को 115.20 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं एवं सेवाओं का निर्यात किया और अमरीका से 70.80 अरब डॉलर का आयात किया।
इस तरह द्विपक्षीय व्यापार का संतुलन 44.40 अरब डॉलर के साथ भारत के पक्ष में रहा। 2024-25 के वित्त वर्ष के दौरान भारत से अमरीका को 86.50 अर्ब डॉलर मूल्य की वणिज्यिक वस्तुओं तथा 28.70 अरब डॉलर की सेवाओं का निर्यत किया गया
जबकि वहां से 45.30 अरब डॉलर के सामानों एवं 25.50 अरब डॉलर की सेवाओं का आयात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच 131.80 अरब डॉलर की वस्तुओं तथा 54.20 अरब डॉलर की सेवाओं का कारोबार हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार भारत ने साफ कह दिया है कि गैर जीएम मक्का के आयात पर वर्तमान समय में लागू सीमा शुल्क को घटाया नहीं जाएगा। अमरीका अपनी प्रीमियम क्वालिटी के पनीर का निर्यात भी करने पर जोर दे रहा है मगर भारत फिलहाल इसके लिए इच्छुक नहीं है।
