अप्रैल में पाम तेल के आयात में भारी गिरावट आने का अनुमान

04-May-2026 08:43 PM

मुम्बई। निर्यातक देशों में ऊंचे भाव एवं घरेलू प्रभाग में कमजोर मांग के कारण भारत में अप्रैल 2026 के दौरान पाम तेल का आयात घटकर पिछले एक साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया। उद्योग-व्यापार क्षेत्र के समीक्षकों के अनुसार कुछ विशेष कारणों से भारत में संस्थागत खरीदारों की मांग कमजोर रही जबकि निर्यातक देशों में भाव तेज होने से सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल के सापेक्ष पाम तेल का मूल्यान्तर काफी घट गया। 

उद्योग-व्यापार विश्लेषकों के अनुसार अप्रैल 2026 में देश के अंदर पाम तेल का आयात घटकर 5.05 लाख टन पर अटक गया जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे कम है। मार्च 2026 में 6,89,462 टन पाम तेल का आयात हुआ था। वार्षिक आधार पर पाम तेल के आयात में 27 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। 

दूसरी ओर मार्च की तुलना में अप्रैल के दौरान सोयाबीन तेल का आयात 24 प्रतिशत बढ़कर 3.55 लाख टन पर पहुंचा जो गत चार माह का सबसे ऊंचा स्तर रहा। इसी तरह सूरजमुखी तेल का आयात मासिक स्तर पर दोगुने से ज्यादा उछलकर 4.35 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले 22 महीनों में सबसे ऊंचा स्तर रहा। रूस, यूक्रेन एवं अर्जेन्टीना से इसे मंगाया गया।

विश्लेषकों के मुताबिक मार्च के मुकाबले अप्रैल 2026 में खाद्य तेलों का कुल आयात 10.4 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है जो जनवरी 2026 के बाद सबसे बड़ा आयात है। इसमें तेल एवं सोयाबीन तेल का विशेष योगदान है।

उल्लेखनीय है कि उपरोक्त अनुमान उद्योग- व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों / समीक्षकों का है जबकि मध्य मई में उद्योग संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) की मासिक रिपोर्ट सामने आएगी जिसमें अप्रैल 2026 के दौरान खाद्य तेलों के सम्पूर्ण आयात का विस्तृत विवरण दिया जाएगा और तब आयात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।