अप्रैल में वैश्विक खाद्य मूल्य सूचकांक में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि

12-May-2026 01:16 PM

रोम। संयुक्त राष्ट्र संघ की अधीनस्थ एजेंसी- खाद्य एवं कृषि संगठन (फाओ) का वैश्विक खाद्य मूल्य सूचकांक मार्च की तुलना में अप्रैल के दौरान 1.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 130.7 बिंदु पर पहुंच गया। इस तरह लगातार तीसरे माह सूचकांक में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान वनस्पति (खाद्य) तेलों एवं कुछ अनाजों की कीमतों में इजाफा हुआ लेकिन चीनी एवं डेयरी उत्पादों के दाम में गिरावट दर्ज की गई। फाओ द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अप्रैल 2026 का खाद्य मूल्य सूचकांक अप्रैल 2025 के स्तर से 2 प्रतिशत ऊंचा मगर 8 मार्च 2022 के शीर्ष स्तर से 18.4 प्रतिशत नीचे रहा। गत वर्ष कई जिंसों का भाव नीचे रहा था।

फाओ की विज्ञप्ति के अनुसार अप्रैल में वनस्पति तेल का औसत मूल्य सूचकांक बढ़कर 193.9 बिंदु पर पहुंच गया जो मार्च की तुलना में करीब 6 प्रतिशत ज्यादा तथा जुलाई 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर रहा। इस अवधि के दौरान पाम तेल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल और रेपसीड / कैनोला तेल की कीमतों में नियमित रूप से सुधार दर्ज किया गया। क्रूड खनिज तेल का भाव ऊंचा होने की आशंका से बायो डीजल के निर्माण में खाद्य तेलों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है जिससे खाद्य उद्देश्य के लिए इसकी उपलब्धता पर असर पड़ने की संभावना है।

पाम तेल की कीमतों में पिछले पांच महीनों से तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ है। एक तो वैश्विक बाजार में इसकी मांग बढ़ गई और दूसरे, दक्षिण-पूर्व एशिया में इसका उत्पादन घटने की संभावना बनी हुई है। 

फाओ का वैश्विक अनाज मूल्य सूचकांक मार्च की तुलना में अप्रैल के दौरान 0.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 111.3 बिंदु पर पहुंचा। इसके तहत गेहूं का मूल्य सूचकांक 0.8 प्रतिशत ऊपर उठ गया। अमरीका के कुछ भागों में सूखा पड़ने तथा ऑस्ट्रेलिया में सामान्य औसत से कम वर्षा होने की संभावना से गेहूं के दाम में बढ़ोत्तरी हो गई।