अधिशेष वर्षा से खरीफ फसलों को सीमित नुकसान, रबी उत्पादन बेहतर होने के आसार

24-Oct-2025 05:56 PM

नई दिल्ली। एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में अधिशेष वर्षा होने से खरीफ फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है लेकिन रबी सीजन के लिए कोई चिंता की बात नहीं है।

खरीफ फसलों के उत्पादन में आने वाली गिरावट की भरपाई रबी सीजन के बेहतर उत्पादन में काफी हद तक संभव हो सकती है। अक्टूबर का महीना महत्वपूर्ण होता है क्योंकि खेतों में खड़ी खरीफ फसलें कटाई-तैयारी के चरण में रहती है।

उत्तरी एवं पश्चिमोत्तर राज्यों में वर्षा का दौर थम चुका है लेकिन खेतों की मिट्टी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद है। इससे किसानों को रबी फसलों की बिजाई करने में अच्छी सहायता मिलेगी। 

रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना जैसे राज्यों में मानसून की जोरदार बारिश होने, खेतों में पानी भरने एवं भयंकर बाढ़ आने से धान, दलहन एवं तिलहन फसलों को नुकसान हुआ है लेकिन कुल मिलाकर राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा क्षति नहीं हुई है और इसलिय उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका नहीं है।

अब आगे अगर मौसम अच्छा रहा और किसी प्राकृतिक आपदा का प्रकोप नहीं देखा गया तो खरीफ फसलों की हालत काफी हद तक सामान्य हो सकती है। सबका ध्यान अब रबी सीजन पर केन्द्रित हो गया है। 

बांधों जलाशयों में पानी का भरपूर भंडार मौजूद है जिससे रबी फसलों की सिंचाई में कोई कठिनाई नहीं होगी। वैसे मानसून सीजन के दौरान देश के 10 राज्यों में अधिशेष वर्षा से फसलें प्रभावित हुईं। इन राज्यों में देश की करीब 58 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि अवस्थित है।

सामान्य औसत के मुकाबले इस बार मध्य अक्टूबर तक देश में 27 प्रतिशत अधिक बारिश हुई लेकिन पंजाब में 478 प्रतिशत, हरियाणा में 390 प्रतिशत, राजस्थान में 371 प्रतिशत, बिहार में 190 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 90 प्रतिशत, गुजरात में 75 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 56 प्रतिशत, उड़ीसा में 49 प्रतिशत तथा मध्य प्रदेश में 32 प्रतिशत ज्यादा वर्षा दर्ज की गई।