बाढ़ की वजह से बांग्ला देश में 11 लाख टन चावल बर्बाद

22-Oct-2024 12:26 PM

ढाका । मूसलाधार वर्षा एवं भयंकर बाढ़ के कारण बांग्ला देश में करीब 11 लाख टन चावल के बर्बाद होने की खबर सामने आई है। घरेलू प्रभाग में बढ़ती खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार 5 लाख टन चावल का आयात कर रही है। बाढ़ से फसलों को हो रहे भारी नुकसान से लाखों लोगों की कठिनाई बढ़ गई है।

बांग्ला देश की अंतरिम सरकार प्राइवेट व्यापारियों को भी बाहर से चावल मंगाने की अनुमति दे रही है। चूंकि भारत सरकार ने सभी श्रेणियों के चावल के निर्यात को नियंत्रण मुक्त कर दिया है इसलिए उम्मीद की जा रही है कि बांग्ला देश की सरकारी एजेंसी तथा प्राइवेट फर्में भारतीय  चावल के आयात को प्राथमिकता दे सकती हैं क्योंकि यह आयात सस्ता पड़ेगा और इसमें समय भी कम लगेगा।  

भयंकर बाढ़ से बांग्ला देश में करीब 45 अरब टका के कृषि उत्पादों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक जलवायु परिवर्तन का देश पर गहरा असर पड़ रहा है। कृषि एवं बागवानी फसलों को हो रही जबरदस्त क्षति से बांग्ला देश में खाद्य महंगाई तेजी से बढ़ने लगी है और इसलिए तत्काल विदेशों से इसका आयात करने की आवश्यकता महसूस हो रही है।

पछले अगस्त में भयंकर समुद्री चक्रवाती तूफान का प्रकोप रहा था और अब अक्टूबर में जबरदस्त वर्षा-बाढ़ ने फसलों को तहस-नहस कर दिया है।

इन प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से अब तक कम से कम 75 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

देश के पूर्वी तथा उत्तरी भाग में इसका सर्वाधिक असर देखा जा रहा है। खाद्य मंत्रालय ने कहा है कि सरकार अपने स्तर पर चावल मंगाएगी और साथ ही साथ व्यापारियों को भी इसका आयात करने की मंजूरी प्रदान करेगी।

हाल के महीनों में बांग्ला देश में खाद्य महंगाई की दर बढ़कर 20 प्रतिशत के करीब पहुंच गई। भारत से वहां चावल का भारी आयात किए जाने की उम्मीद है।