भारत की मांग मजबूत रहने पर तुवर का वैश्विक भाव सुधरने के आसार

23-Jan-2026 04:42 PM

यंगून। भारत सबकॉन्टिनेंट एग्री फाउंडेशन (बीएसएएफ) द्वारा म्यांमार की राजधानी - यंगून में आयोजित साउथ एशिया एग्री फोरम 2026 के दौरान अन्य कृषि जिंसों के साथ-साथ दलहनों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गयी। इसमें तुवर, उड़द एवं पीली मटर आदि शामिल है। तुवर के पैनलिस्ट में भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार भी सम्मिलित थे। भारत तुवर का सबसे प्रमुख उत्पादक, उपभोक्ता एवं आयातक देश है।

साउथ एशिया एग्री फोरम में मौजूदा पैनलिस्ट का कहना था कि इस बार म्यांमार में मौसम की हालत तुवर की फसल के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं रही जिससे वहां तुवर का उत्पादन 15 प्रतिशत घटने की सम्भावना है। पिछले साल म्यानाम्र में 3.50 लाख टन तुवर का उत्पादन हुआ था जो चालू वर्ष में घटकर 3 लाख टन के करीब रह जाएगा। लेकिन बकाया स्टॉक गत वर्ष की भाँती इस बार भी 50 हजार टन ही आंका गया है।

इधर भारत में भी उत्पादन 15-20 प्रतिशत घटने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। व्यापर विश्लेषकों के अनुसार भारत की मांग मजबूत रहने पर म्यांमार में आगामी समय के दौरान तुवर की कीमतों में सुधार आ सकता है। तुवर का मौजूदा भाव काफी निचले स्तर का माना जा रहा है। 2023-24 सीजन में एक समय इसका दाम उछलकर 1500 डॉलर प्रति टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया था जो अब लुढ़ककर 600 डॉलर प्रति टन के करीब आ गया है। भारतीय मुद्रा में आंकलन करें तो आयातित तुवर का मूल्य इसी अवधि में 120 रुपए प्रति किलो से घटकर 60 रुपए प्रति किलो रह गया है। इसे देखते हुए जानकारों का मानना है कि आगामी समय में तुवर का भाव सुधर सकता है।

अफ्रीका महाद्वीप में पहले 2025-26 सीजन के दौरान 13 लाख टन तुवर के शानदार उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा था मगर वास्तविक उत्पादन 9 लाख टन तक ही पहुंच सका। इस तरह अनुमानित उत्पादन एवं वास्तविक उत्पादन के बीच करीब 4 लाख टन का भारी अंतर रह गया। इसके फलस्वरूप वैश्विक बाजार में तुवर की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति बहुत ज्यादा सुगम नहीं रहेगी।

भारत में 2024-25 सीजन के दौरान तुवर की सरकारी खरीद बढ़कर 6.5 लाख टन पर पहुंच गयी थी और 2025-26 में भी खरीद की मात्रा उस स्तर तक पहुंच सकती है। तुवर का थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (8000 रुपए प्रति क्विंटल) से नीचे चल रहा है और प्रमुख उत्पादक राज्यों में इसकी सरकारी खरीद आरंभ हो गयी है।