भारत को सूरजमुखी तेल के निर्यात में रूस ने यूक्रेन को बहुत पीछे छोड़ा

12-Jul-2024 05:28 PM

मुम्बई । सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू मार्केटिंग सीजन सीजन के आरंभिक आठ महीनों में यानी नवम्बर 2023 से जून 2024 के दौरान भारत में विदेशों से कुल मिलाकर करीब 24.64 लाख टन क्रूड सूरजमुखी तेल का आयात हुआ और रूस इसका सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश रहा।

इस अवधि में अकेले रूस से लगभग 11.75 लाख टन सूरजमुखी तेल मंगाया गया। पहले यूक्रेन से इसका सर्वाधिक आयात होता था मगर अब रूस उससे काफी आगे निकल चुका है और रोमानिया दूसरे नम्बर पर आ गया है जबकि यूक्रेन खिसककर तीसरे नम्बर पर चला गया है।

अर्जेन्टीना भी एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नवम्बर 2023 से जून 2024 के आठ महीनों के दौरान भारत में रोमानिया से 6.03 लाख टन, यूक्रेन से 3.53  लाख टन तथा अर्जेन्टीना 2.40 लाख टन सूरजमुखी तेल मंगाया गया। रोमानिया भी काला सागर क्षेत्र में रूस का एक निकटवर्ती देश है।

इसके अलावा समीक्षाधीन अवधि के दौरान ब्राजील से 4500 टन तथा दुनिया के अन्य देशों से 88 हजार टन सूरजमुखी तेल का आयात हुआ।

इन आंकड़ों से स्पष्ट पता चलता है कि आलोच्य अवधि के दौरान भारत में यूक्रेन के मुकाबले रूस से तीन गुणा से अधिक सूरजमुखी मंगाया गया जो रोमानिया से हुए आयात की तुलना में भी करीब दोगुना अधिक रहा। हाल के महीनों में सूरजमुखी तेल के आयात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है।

एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक भारत में सूरजमुखी तेल का आयात नवम्बर 2023 में 1.29 लाख टन, दिसम्बर में 2.61 लाख टन, जनवरी 2024 में 2.20 लाख टन तथा फरवरी में 2.97 लाख टन हुआ था जो मार्च में उछलकर 4.46 लाख टन पर पहुंचा।

हालांकि अप्रैल 2024 में यह घटकर 2.35 लाख टन के करीब रह गया मगर मई में पुनः उछलकर 4.11 लाख टन तथा जून में बढ़कर 4.66 लाख टन के आसपास पहुंच गया। दिलचस्प तथ्य यह है कि इन आठ महीनों के दौरान सोयाबीन तेल का आयात 18.68 लाख टन पर ही पहुंच सका

जबकि सूरजमुखी तेल का आयात उससे 6 लाख टन बढ़कर 24.64 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच गया। जिस तेज गति से माल आ रहा है उससे प्रतीत होता है कि 2023-24 के मार्केटिंग सीजन के अंत तक सूरजमुखी तेल का आयात 30 लाख टन की सीमा को पार करते हुए एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा।