भारत को सूरजमुखी तेल के निर्यात में रूस सबसे आगे

01-Nov-2025 04:00 PM

चेन्नई। भारत में रूस से सिर्फ क्रूड खनिज तेल का ही नहीं बल्कि क्रूड सूरजमुखी तेल का भी जोरदार आयात हो रहा है। पिछले चार वर्षों के दौरान भारत में सूरजमुखी तेल के आयात में 12 गुना की जबरदस्त वृद्धि हुई है और वह यूक्रेन को काफी पीछे छोड़कर भारत को इसकी सर्वाधिक आपूर्ति करने वाला देश बन गया है

मालूम हो कि फरवरी 2022 में रूस एवं यूक्रेन के बीच युद्ध आरंभ हुआ था और तब से यूक्रेन ने यूरोपीय देशों को अपने सूरजमुखी तेल का निर्यात बढ़ाना शुरू कर दिया जबकि भारत में रूस से इसका आयात तेजी से बढ़ने लगा। 

दरअसल यूक्रेन के समुद्री बंदरगाहों पर रूस लगातार हमले कर रहा था जिससे वहां से सूरजमुखी तेल के आयात में बाधा पड़ने लगी। उधर रूस के बंदरगाह पूरी तरह सुरक्षित थे और वह एक विश्वसनीय एवं स्थायी निर्यातक देश भी माना जाता है

इसलिए वहां से सूरजमुखी तेल के आयात पर भारत की निर्भरता लगातार बढ़ती गई। यद्यपि हाल के दिनों में सूरजमुखी तेल के वैश्विक बाजार मूल्य में तेजी आई है

और भारत में इसका शुल्क आधारित बुनियादी आयात मूल्य निर्धारित नहीं होता है लेकिन इसके बावजूद इसके आयात में ज्यादा कमी आने की संभावना नहीं है और इसके निर्यात में रूस का वर्चस्व बरकरार है। 

भारत में रूस तथा यूक्रेन के अलावा अर्जेन्टीना से भी अच्छी मात्रा में सूरजमुखी तेल का आयात किया जाता है। कुछ अन्य देशों से भी इसे मंगाया जाता है।

रूसी तेल के प्रति भारतीय रिफानर्स का आकर्षण हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है और निकट भविष्य में इसकी रफ्तार तेज रहने की संभावना है।

इसलिए रूस से आयात और बढ़ सकता है। रूस में उत्पादन सामान्य है। भारत में स्वदेशी स्रोतों से सूरजमुखी तेल की बहुत कम आपूर्ति होती है जबकि मांग एवं खपत बढ़ती जा रही है।