भारत में अमरीकी दलहनों के सुगम आयात के उपायों के जरूरत पर जोर

21-Jan-2026 12:16 PM

नई दिल्ली। भारत के दौरे पर आए अमरीकी सिवेटर (सांसद) ने कहा है कि वे मोंटाना प्रान्त के दलहन उत्पादकों के हितो की वकालत करने के लिए आए है जो भारत में ऊंचे आयात शुल्क से परेशान है। अमरीकी राष्ट्रपति से भी आग्रह किया गया है कि ये इस मामले में हस्तक्षेप करे। यदि अमरीकी राष्ट्रपति भारत पर दलहनों के आयात शुल्क में कटौती के लिए दबाव बनाते है तो इस विषय पर उनका पूरा समर्थन किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि मोंटाना अमरीका में दलहनों का एक अग्रणी उत्पादक राज्य है उत्तरी डकोटा में भी दलहनों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इन दोनों प्रांतो के सांसद भारत में अमरीकी दलहनों के आयात के लिए प्रयास कर रहे है। 

हाल ही में सांसद (सिवेटर) ने अमरीकी राष्ट्रपति को एक पत्र भेजकर कहा कि भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता पर हस्ताक्षर होने से पूर्व उसमे अमरीकी दलहनों के आयात के लिए अनुकूल माहौल पलटने का प्रावधान अवश्य शामिल किया जाना चाहिए। सांसद के अनुसार दोनों देशो के बीच व्यापारिक एवं रणनीतिक भागीदारी को बढ़ाए  जाने की आवश्यकता है। मोंटाना के दलहन उत्पादक किसानो के लिए भारतीय बाजार में पहुंच को आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। भारतीय वाणिज्य मंत्री ने अमरीकी सिवेटर की दलीलों को ध्यान से सुना और उसकी चिंताओं को समझने की कोशिश की। अमरीकी सिवेटर इस महत्वपूर्ण प्रथमिकता पर दबाव डालने के लिए अमरीका के राष्ट्रपति के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। 

यू एस मिशन, इण्डिया द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि सिवेटर का भारत दौरा काफी महत्वपूर्ण है। भारत और अमरीका कई अनसुलझे युद्धों को सुलझाने के लिए मिलकर काम कर रहा है। द्विपक्षीय व्यापार समझौता के लिए होने वाली बातचीत में इन युद्धों पर विशेष चर्चा की जा रही है। भारत अभी तक अपने सामनों और खास कर कृषि उत्पादों की अधिक से अधिक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।