भारत में महंगाई का दूसरा दौर शुरू होने की चेतावनी
21-Apr-2026 06:28 PM
मुम्बई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आगाह किया है कि यदि ईरान-अमरीका के बीच दोबारा लड़ाई शुरू हुई और पश्चिम एशिया में संकट लम्बे समय तक बरकरार रहा तो भारत में महंगाई का दूसरा दौर आरंभ हो सकता है। पश्चिम एशिया का संकट भारत सहित अन्य अधिकांश देशों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है।
पिछली बार जब खाद्य महंगाई में जोरदार वृद्धि हुई थी तब भारी मशक्क्त एवं नीतिगत निर्णयों के बाद इसे नियंत्रित करने में सफलता मिली थी। दलहनों के आयात को सीमा शुल्क से मुक्त कर दिया गया था, खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में भारी कटौती की गई थी, गेहूं एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध को बरकरार रखा गया था
और कुछ समय के लिए सफेद चावल का निर्यात भी रोक दिया गया था। राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन के निर्यात पर लम्बे समय तक पाबन्दी लगी रही। विदेशों से रिकॉर्ड मात्रा में दलहनों एवं खाद्य तेलों का आयात करके घरेलू प्रभाग में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
इस बार पश्चिम एशिया में जारी संकट से भारत में क्रूड खनिज तेल एवं गैस का आयात महंगा बैठ रहा है जिससे न केवल कृषि उत्पादन पर असर पड़ेगा बल्कि माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ जाएगा। भारत में दलहनों का आयात मुख्यतः म्यांमार,
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील एवं अफ्रीकी देशों से होता है। शिपिंग खर्च पहले ही काफी बढ़ चुका है जिससे इसका आयात महंगा हो रहा है। खाद्य तेलों का मामला भी ऐसा ही है। अल नीनो का खतरा भी बना हुआ है।
केन्द्र सरकार को आगामी महीनों में खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कुछ एहतियाती कदम उठाना पड़ सकता है।
