भारत में प्रमुख चीनी मिलों को इस सीजन में दोहरी समस्या का सामना करना पड़ रहा है

19-Dec-2024 10:42 AM

भारत में प्रमुख चीनी मिलों को इस सीजन में दोहरी समस्या का सामना करना पड़ रहा है
★ भारत में प्रमुख चीनी मिलों को इस सीजन में दोहरी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि केंद्र सरकारी मिलों से एथेनॉल खरीद को प्राथमिकता दे रहा है और कीमतों में अपेक्षाकृत कम वृद्धि की संभावना है। 
★ केंद्र ने ओएमसी (ऑयल मार्केटिंग कंपनियों) को एथेनॉल की खरीद के लिए सरकारी सहकारी चीनी मिलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है, जिससे निजी कंपनियों से एथेनॉल की सरकारी खरीद में कमी आ सकती है। इसके अलावा, केंद्र एथेनॉल की खरीद मूल्य में केवल ₹1-1.50 प्रति लीटर की वृद्धि पर विचार कर रहा है, जबकि चीनी मिलों ने ₹2-2.50 प्रति लीटर की वृद्धि की मांग की थी।
★ इस बदलाव से प्रमुख चीनी मिलों जैसे श्री रेणुका सुगर, बजाज हिंदुस्तान, बलरामपुर चीनी, और धामपुर सुगर मिलों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि एथेनॉल उनकी उच्च लाभ वाली उत्पाद है। सरकार का एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम (EBP) कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए चलाया जा रहा है, जिसमें 2030 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य है।