भारत में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद से चीनी का वैश्विक बाजार भाव नरम

06-Nov-2025 01:29 PM

न्यूयार्क। पिछले दिन चीनी के वैश्विक बाजार मूल्य में कुछ गिरावट दर्ज की गई। न्यूयार्क एक्सचेंज में कच्ची चीनी (रॉ शुगर) का वायदा भाव मार्च डिलीवरी के लिए 0.11 सेंट प्रति पौंड या 0.77 प्रतिशत गिरकर पिछले करीब 5 साल के निचले स्तर पर आ गया।

इसी तरह लन्दन एक्सचेंज में दिसम्बर अनुबंध के लिए सफेद चीनी का वायदा मूल्य 0.70 डॉलर प्रति टन या 0.17 प्रतिशत नीचे गिर गया। 

ब्राजील के बाद दुनिया के दूसरे सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक देश- भारत में 2025-26 के मार्केटिंग सीजन के दौरान बेहतर उत्पादन का अनुमान लगाए जाने से वैश्विक वायदा मूल्य पर मनोवैज्ञानिक असर देखा गया।

शीर्ष उद्योग संस्था- इस्मा ने भारत में चीनी के उत्पादन का अनुपात 2025-26 सीजन के लिए 300 लाख टन से बढ़ाकर करीब 310 लाख टन निर्धारित कर दिया जो 2024-25 सीजन के अनुमानित उत्पादन 261 लाख टन से लगभग 49 लाख टन या 19 प्रतिशत ज्यादा है।

दूसरी ओर इस्मा ने एथनॉल के निर्माण में गन्ना (चीनी) के उपयोग का अनुमान 50 लाख टन से घटाकर 34 लाख टन नियत कर दिया। इससे भारत को चीनी के निर्यात में सहायता मिल सकती है। इस्मा ने सरकार से 2025-26 सीजन के लिए 20 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने का आग्रह किया है।

वायदा एक्सचेंजों में निवेशकों द्वारा चीनी की बिकवाली का दबाव बढ़ाए जाने से वायदा मूल्य में नरमी का माहौल बना हुआ है। लन्दन एक्सचेंज में सफेद चीनी का वायदा मूल्य घटकर पिछले पौने पांच साल के निचले स्तर पर आ गया।

ब्राजील में जोरदार उत्पादन की प्रक्रिया जारी है जबकि थाईलैंड में भी नया उत्पादन शुरू होने वाला है। 2025-26 के सीजन में चीनी का वैश्विक उत्पादन इसके उपयोग से अधिक होने का अनुमान लगाया जाता है जिससे सीजन के अंत में बकाया स्टॉक कुछ बढ़ सकता है।

ब्राजील में उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं। समीक्षकों का कहना है कि चीनी के वैश्विक वायदा मूल्य पर दबाव बना हुआ है। यदि भारत सरकार 20 लाख टन के निर्यात की अनुमति देती है तो कीमतों पर दबाव कुछ और बढ़ सकता है।