भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौता की उम्मीद बढ़ी

16-Jan-2026 05:57 PM

नई दिल्ली। भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौता होने की उम्मीद बढ़ गई है क्योंकि दोनों पक्ष गतिरोध को पूरा करने पर ध्यान दे रहे हैं। भारत के वाणिज्य मंत्री तथा अमरीका के व्यापार प्रतिनिधि के बीच वर्चुअल बातचीत हो रही है जिसका उद्देश्य व्यापारिक करार को अंतिम रूप देते हुए उसे अंजाम तक पहुंचाना है।

समझा जाता है कि टेक्सटाइल, लेदर (चमड़ा) तथा मैरीन (समुद्री) उत्पादों के क्षेत्र में कुछ राहत देने पर विचार किया जा रहा है।

केन्द्रीय वाणिज्य सचिव ने कहा है कि दोनों देश व्यापार समझौता के काफी करीब पहुंच गए हैं और जब दोनों पक्ष सहमत हो जाएंगे तब समझौता पर हस्ताक्षर हो जाएगा। दरअसल भारत और अमरीका के बीच व्यापार वार्ता कभी भंग नहीं हुई और दोनों देश इससे लगातार जुड़े रहे।

दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में भारतीय वाणिज्य मंत्री ने अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की थी। जो मुद्दे अभी तक लंबित हैं उसे  सुलझाने के लिए बातचीत हो रही है।  जल्दी ही इसका सार्थक परिणाम सामने आ सकता है। 

उल्लेखनीय है कि अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय से अधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल 10 दिसम्बर को भारत के दौरे पर आया था और इसके बाद दोनों देशों के बीच वर्चुअल मीटिंग का आयोजन किया गया।

जनवरी 2026 में भारत में अमरीका के नए राजदूत ने अपना कार्यभार संभाला और 14 जनवरी को राष्ट्रपति को अपना परिचय पत्र दिखाया।

इससे पूर्व 13 जनवरी को भारतीय विदेश मंत्री ने अमरीका के मंत्री से फोन पर बातचीत की थी जिसमें महत्वपूर्ण खनिजों, न्यूक्लियर, सहयोग, रक्षा एवं ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ व्यापार वार्ता पर भी चर्चा की गई। दोनों देश विभिन्न मुद्दों पर बातचीत जारी रखने के पक्ष में हैं। 

हालांकि अगस्त के अंतिम सप्ताह से ही अमरीका में अनेक भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लगा हुआ है लेकिन इसके बावजूद भारत से वहां निर्यात जारी है।

दिसम्बर में भारत से अमरीका को वाणिज्यिक वस्तुओं का कुल निर्यात 6.89 अरब डॉलर दर्ज किया गया जबकि नवम्बर 2025 में 6.98 अरब डॉलर तथा दिसम्बर 2024 में 7.01 अरब डॉलर रहा था। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारी-भरकम टैरिफ का भारत के निर्यात पर कोई खास प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है।