भारत और म्यांमार के बीच दलहनों में कारोबार बढ़ाने पर बातचीत

23-Jan-2026 05:28 PM

यंगून। म्यांमार के साथ द्विपक्षीय व्यापार सम्बन्ध को मजबूत बनाने के उद्देश्य से भारत के उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने यंगून में म्यांमार के वाणिज्य उपमंत्री यू किम किम के साथ एक मीटिंग में लम्बी बातचीत की है। इस बैठक में आमतौर पर दोनों देशों के बीच कृषि उत्पादों और खासकर उड़द तथा तुवर में कारोबार बढाने के मुद्दे पर विशेष जोर दिया गया। म्यांमार से भारत को इसका सर्वाधिक निर्यात होता है।

भारतीय अधिकारी ने म्यांमार के साथ वर्ष 2021 में हुए पंचवर्षीय करार का जिक्र करते हुए कहा कि आपसी सहमति के इस समझौते के तहत भारत ने म्यांमार से दलहनों के आयात के अपने संकल्प को पूरी तरह निभाया। इस करार के तहत भारत ने म्यांमार से प्रति वर्ष 2.50 लाख टन उड़द एवं 1.00 लाख टन तुवर का आयात करना था जबकि वास्तविक आयात इससे कही ज्यादा हुआ। इससे म्यांमार के दलहन उत्पादकों को काफी राहत मिली और आयात उससे कही ज्यादा हुआ। इससे म्यांमार के दलहन उत्पादकों को काफी राहत मिली और भारत में भी इन दलहनों की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति को सुगम बनाना तथा कीमतों पर नियंत्रण रखना संभव हो सका। यह करार दोनों पक्षों के लिए लाभदायक साबित हुआ और दलहनों की मांग तथा आपूर्ति में संतुलन बनाने में इससे सहायता मिली।

दोनों देशों के बीच व्यापार 2020-21 के 1.29 अरब डॉलर से उछलकर 2020-25 में 2.10 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारत और म्यांमार के बीच आर्थिक साझेदारी में हो रही शानदार बढ़ोत्तरी काफी महत्वपूर्ण है।

भारत और म्यांमार के बीच दलहन कारोबार के लिए हुए पंचवर्षीय करार की समय सीमा जल्दी ही समाप्त होने वाली है और इसकी अवधि अगले पांच साल के लिए बढ़ाने हेतु दोनों पक्षों में बातचीत जारी है।