भारत से चावल का निर्यात 240 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का उस्डा का अनुमान
15-May-2025 03:48 PM
नई दिल्ली। शानदार घरेलू उत्पादन एवं मजबूत वैश्विक मांग को देखते हुए 2025-26 के दौरान भारत से चावल का निर्यात तेजी से बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय चावल का निर्यात ऑफर मूल्य भी प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहने की संभावना है जिससे आयातकों में इसका आकर्षक बना रहेगा।
अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की रिपोर्ट के अनुसार भारत से 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में चावल का निर्यात तेजी से बढ़कर 240 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है जिससे चावल के वैश्विक निर्यात बाजार में इसकी भागीदारी सुधरकर 40 प्रतिशत से ऊपर पहुंच सकती है।
भारत में खाद्यान्न का विशालकाय स्टॉक मौजूद होने से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं है और इसलिए सरकार ने चावल के निर्यात को सभी नियंत्रणों-प्रतिबंधों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है।
27 अप्रैल को केन्द्रीय पूल में लगभग 661.60 लाख टन खाद्यान्न (चावल और गेहूं) का विशाल स्टॉक मौजूद था। घरेलू प्रभाग में भी इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है और कीमतों में काफी हद तक स्थिरता देखी जा रही है।
निर्यातकों को अपने व्यवसाय के लिए चावल का अपेक्षित स्टॉक उचित दाम पर प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं हो रही है। डॉलर की तुलना में रुपए की विनिमय दर भी निर्यातकों के लिए अनुकूल है। एक अमरीकी डॉलर का मूल्य 85-86 रुपए के करीब है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार 2024-25 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में चावल का उत्पादन बढ़कर 12.10 करोड़ टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है जो 2023-24 के खरीफ उत्पादन से लगभग सात प्रतिशत ज्यादा है।
उधर अमरीकी कृषि विभाग ने कहा है कि भारत में लगातार 10 वें वर्ष चावल का रिकॉर्ड उत्पादन हो सकता है। 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के सीजन में भी उत्पादन बढ़ेगा मगर यह वृद्धि सीमित हो सकती है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा का इसमें अहम रोल होगा। भारत में खरीफ सीजन के साथ-साथ रबी सीजन और जायद सीजन में भी चावल का उत्पादन होता है।
