भारत से चावल का निर्यात बढ़ाने का जोरदार प्रयास जारी

30-Oct-2025 05:00 PM

नई दिल्ली। भारतीय निर्यातक पहले ही देश को चावल के निर्यात के मामले में प्रथम स्थान पर पहुंचाने में सफलता हासिल कर चुके हैं मगर उनके प्रयासों का सिलसिला अभी थमा नहीं है।

वे अब परम्परागत बाजारों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करते हुए ऐसे नए-नए बाजारों की तलाश और पहचान कर रहे हैं जहां चावल का निर्यात बढ़ाने की अच्छी गुंजाईश है। ये देश फिलहाल भारत से कम तथा अन्य आपूर्तिकर्ता देशों से अधिक मात्रा में चावल मंगा रहे हैं।

दरअसल भारतीय चावल कीमत, क्वालिटी एवं स्टॉक की उपलब्धता के दम पर संसार के किसी भी बाजार में अन्य निर्यातक देशों की चुनौती तथा प्रतिस्पर्धा का सामना करने में सक्षम हैं।

भारत से दुनिया की सबसे बेहतरीन क्वालिटी के बासमती चावल का निर्यात होता है जबकि सामान्य श्रेणी या गैर बासमती चावल का निर्यात ऑफर मूल्य हमेशा प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहता है।

भारत से सेला, स्टीम एवं सफेद (कच्चा) तीनों संवर्गों के साबुत चावल का शिपमेंट किया जाता है और सस्ते टुकड़ी चावल की वैश्विक मांग को भी पूरा किया जाता है। 

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (आईरेफ) द्वारा नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत इंटरनेशनल राइस कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है जिसमें दुनिया भर से प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

फेडरेशन ने ऐसे 26 देशों की पहचान की है जहां भारतीय चावल का निर्यात बढ़ाया जा सकता है। इसमें इंडोनेशिया एवं फिलीपींस से लेकर मैक्सिको तक शामिल हैं।

इराक और सऊदी अरब में भी निर्यात बढ़ने की उम्मीद है लेकिन इसके लिए भारत को पाकिस्तान की प्रतिस्पर्धी का सामना करना पड़ेगा जो ज्यादा मुश्किल नहीं है।

केन्द्र सरकार ने सभी किस्मों एवं श्रेणियों के चावल के निर्यात सभी शुल्कों एवं नियंत्रणों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है जबकि भारतीय निर्यातक आगे बढ़ने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।