भारत से मूंगफली के गैर कानूनी आयात के खिलाफ इंडोनेशिया में कार्रवाई
21-Jan-2026 11:20 AM
जकार्ता। इंडोनेशिया सरकार ने भारत से गैर कानूनी तरीके से मूंगफली के होने वाले आयात पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। समझा जाता है कि इंडोनेशिया में मूंगफली के साथ-साथ चावल, चीनी, प्याज, लहसुन एवं लालमिर्च की तस्करी भी बड़े पैमाने पर हो रही है जिसकी सूचना सरकार को मिल चुकी है और अब इसे रोकने के लिए सरकार जोरदार प्रयास कर रही है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार ऐसे कम से कम 10 जहाज़ों को जब्त करके तानजुंग बलाई कारीमुन कस्टम्स पोर्ट पोर रोक कर रखा गया है जिसमें उपरोक्त उत्पाद लदे हुए थे। दरअसल इंडोनेशिया के समाचार पत्र ने एक भारतीय न्यूजपेपर में छपी तस्करी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इस आशय की खबर छापी थी और इसके बाद इंडोनेशिया की सरकार एवं अधिकारीयों की सक्रियता बढ़ गयी और इसके साथ ही गैर कानूनी तरीके से आनेवाले जहाज़ों की धड़ पकड़ आरम्भ हो गयी।
उपलब्ध सूचना के अनुसार इंडोनेशिया के सरकारी (सीमा शुल्क) अधिकारीयों द्वारा 14.50 लाख टन चावल, लगभग एक लाख टन चीनी, 67,218 टन शालोट, 7800 टन प्याज, 44,640 टन लहसुन, 5000 टन से ज्यादा सूखी लालमिर्च और लगभग 1700 टन मूंगफली का स्टॉक जब्त किया गया है। इंडोनेशिया के कृषि मंत्री ने ताजुंग बलाई कारीमुन कस्टम्स के वेयरहाउस का निरिक्षण किया और सभी जब्त उत्पादों के स्टॉक को देखा। इंडोनेशिया सरकार ने रियायु द्वीप में तैनात सभी प्रवर्तन अधिकारीयों को निर्देश दिया है कि न केवल गैर कानूनी तरीके से मंगाए जाने वाले उत्पादों को जब्त किया जाए बल्कि तस्करों को भी पकड़ा जाए ताकि इस पूरी प्रक्रिया पर लगाम लगाया जा सके।
हालांकि इंडोनेशिया में भारत से वैधानिक रास्ते से मूंगफली के आयात में कमी आई है लेकिन तस्करी के जारी वहां भारी मात्रा में इसकी खेप पहुंच रही है। समझा जाता है कि भारत से उपरोक्त उत्पादों की खेप पहले मलेशिय के क्लांग बंदरगाह पर पहुंचती है और फिर उसे इंडोनेशिया के तस्कर अपने देश ले जाते हैं।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार इंडोनेशिया में मूंगफली का जितना आयात होता है उसका 90 प्रतिशत भाग गैर कानूनी तरीके से लाया जाता है। इंडोनेशिया सरकार ने कुछ महीनों के लिए भारतीय मूंगफली के आयात को स्थगित कर दिया था लेकिन फिर भी वहां इसका कोई अभाव नहीं देखा गया क्योंकि तस्करी के माध्यम से इसका आयात बढ़ गया।
