भारतीय बंदरगाहों पर खाद्य तेलों के स्टॉक में मामूली कमी
05-Nov-2025 05:41 PM
मुम्बई। सितम्बर की तुलना में अक्टूबर के दौरान खाद्य तेलों के आयात में भारी कमी आ गई और पाम तेल के साथ-साथ सोयाबीन तेल तथा सूरजमुखी तेल का आयात भी घट गया। सितम्बर के विशाल आयात के कारण अक्टूबर के शुरूआती दिनों तक उसका स्टॉक बचा रहा मगर जोरदार त्यौहारी मांग के कारण बाद में स्टॉक थोड़ा घट गया।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 15 अक्टूबर को भारी बंदरगाहों पर विदेशों से आयातित खाद्य तेलों का कुल स्टॉक 9,87,771 टन दर्ज किया गया था जो 31 अक्टूबर को करीब 12 हजार टन या 1 प्रतिशत घटकर 9,75,566 टन रह गया।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का स्टॉक 5,16,880 टन से बढ़कर 5,33,766 टन तथा क्रूड सूरजमुखी पाम तेल (सीपीओ) का स्टॉक 5,16,880 टन से बढ़कर 5,33,766 टन तथा क्रूड सूरजमुखी तेल का स्टॉक 1,57,546 टन से सुधरकर 1,59,551 टन पर पहुंचा लेकिन आरबीडी पामोलीन का स्टॉक 17,224 टन से घटकर 12,319 टन तथा क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल का स्टॉक 2,79,874 टन से गिरकर 2,52,838 टन पर अटक गया। अन्य खाद्य तेलों का स्टॉक 16,247 टन से बढ़कर 17,091 टन पर पहुंचा।
भारत में पाम तेल का आयात मुख्यतः इंडोनेशिया, मलेशिया एवं थाईलैंड से, सोयाबीन तेल का आयात अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से तथा सूरजमुखी तेल का आयात रूस, यूक्रेन और अर्जेन्टीना से होता है। इसके अलावा नेपाल से भी खाद्य तेल मंगाया जाता है। वैसे सीमा शुल्क का अंतर बढ़ने से आरबीडी पामोलीन के आयात में कमी आ रही है।
एक अग्रणी उद्योग विश्लेषक के अनुसार 1 नवम्बर 2025 को भारतीय बंदरगाहों पर 3.50 लाख टन से लदे कई जहाज या तो लाइन में लगे थे या उस पर से माल उतारा जा रहा था।
वैश्विक बाजार भाव ऊंचा रहने एवं भारत से पीक त्यौहारी सीजन समाप्त होने से खाद्य तेलों के आयात की गति कुछ धीमी पड़ने की संभावना है।
