भारतीय चावल के निर्यात में मामूली बढ़ोत्तरी
17-Dec-2025 03:39 PM
नई दिल्ली। पिछले कुछ महीनों से भारतीय चावल के निर्यात में स्थिरता का माहौल देखा जा रहा है। चालू वित्त वर्ष के शुरूआती आठ महीनों में यानी अप्रैल-नवम्बर 2025 के दौरान चावल की कुल निर्यात आमदनी 7.30 अरब डॉलर पर पहुंची जो वर्ष 2024 से मामूली अधिक है।
दरअसल ऊंचे वैश्विक स्टॉक प्रमुख उत्पादक देशों में बेहतर उत्पादन, ईरान के आर्थिक संकट और अमरीकी टैरिफ जैसे कारकों की वजह से भारतीय चावल का निर्यात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ और इसका निर्यात ऑफर मूल्य भी कमजोर रहा।
वाणिज्यिक सतर्कता एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएस) के आंकड़ों के अनुसार नवम्बर 2024 की तुलना में नवम्बर 2025 के दौरान भारतीय चावल की निर्यात आय 1.12 अरब डॉलर से 30 प्रतिशत घटकर 79 करोड़ डॉलर पर अटक गई।
अप्रैल-नवम्बर 2024 में चावल की कुल निर्यात आय 7.29 अरब डॉलर दर्ज की गई थी जो वर्ष 2025 की समान अवधि में सुधरकार 7.30 अरब डॉलर पर पहुंच गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 की सम्पूर्ण अवधि के दौरान देश से कुल 198.60 लाख टन चावल का निर्यात हुआ था जिससे 12.47 अरब डॉलर की रिकॉर्ड आमदनी प्राप्त हुई थी। चावल का निर्यात ऑफर मूल्य भी ऊंचा रहा था।
उद्योग-व्यापार समीक्षकों के अनुसार पिछले साल अनेक आयातक देशों ने भारी मात्रा में चावल का आयात करके अपना स्टॉक बढ़ाने का प्रयास किया था क्योंकि उन्हें वैश्विक स्तर पर विवाद एवं गतिरोध बढ़ने का डर सता रहा था।
लेकिन चालू वर्ष के दौरान हालात काफी हद तक सामान्य हो गए हैं इसलिए चावल आयातकों की सक्रियता भी कम हो गई है।
इधर अमरीका द्वारा अगस्त के अंतिम सप्ताह में भारतीय चावल पर 50 प्रतिशत का ऊंचा शुल्क (टैरिफ) लगा दिया गया जिससे खासकर बासमती चावल के निर्यात पर कुछ असर पड़ने की आशंका है। ईरान में घहराते आर्थिक संकट से भी बासमती चावल के शिपमेंट की गति धीमी हो गई है।
हालांकि ईरान सरकार ने पहले कहा था कि आयातकों को 1.80 लाख टन चावल के आयात की अनुमति दी जाएगी मगर अभी तक इसका अंतिम निर्णय घोषित नहीं हुआ है। ऐसा लगता है कि ईरान की सरकार चावल आयातकों को लाइसेंस जारी करने की स्थिति में नहीं है।
वैसे सऊदी अरब, इराक तथा संयुक्त अरब अमीरात सहित खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में बासमती चावल का अच्छा निर्यात हो रहा है और अफ्रीकी देश भी गैर बासमती चावल की खरीद कर रहे हैं।
