बेहतर उत्पादन के बावजूद चीनी के मासिक फ्री सेल कोटे में वृद्धि नहीं
04-Feb-2026 11:19 AM
नई दिल्ली। गन्ना की भरपूर पैदावार एवं जोरदार क्रशिंग के चरण 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में चीनी का घरेलू उत्पादन काफी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं लेकिन फिर भी सरकार 2024-25 सीजन की तुलना में इसके हासिल फ्री सेल कोटे का निर्धारण करने में काफी सावधानी बरत रही है।
2024-25 की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान चीनी का फ्री सेल कोटा अक्टूबर में 6 प्रतिशत घटाकर 24 लाख टन तथा नवम्बर में 9 प्रतिशत घटाकर 22 लाख टन नियत किया गया।
दिसम्बर कोटा को 22 लाख टन पर स्थिर रखा गया जबकि जनवरी का कोटा 2.2 प्रतिशत घटाकर 22 लाख टन निर्धारित किया गया। अब फरवरी के लिए 22.50 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया गया है जो पिछले साल के बराबर रही है।
आमतौर पर जाड़े के महीनों में चीनी की औद्योगिक मांग कमजोर पड़ जाती है इसलिए सरकार इसका कोटा सीमित रखने की घोषित करती है ताकि इसका बाजार भाव एक निश्चित सीमा में स्थिर रह सके।
लेकिन उद्योग-व्यापार समीक्षकों का कहना है कि उत्पादन में भारी बढ़ोत्तरी होने से चीनी का अंतिम बकाया अधिशेष स्टॉक बढ़ जाएगा क्योंकि एथनॉल निर्माण में इस बार चीनी का कम उपयोग होने की संभावना है।
पिछले सीजन की तुलना में इस बार कम कोटा जारी होने के बावजूद चीनी की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है। महाराष्ट्र एवं कर्नाटक जैसे अग्रणी उत्पादक राज्यों में चीनी का एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य घटकर उत्पादन लागत से काफी नीचे आ गया है।
मिलों के पास चीनी का स्टॉक बढ़ता जा रहा है जिससे इसकी क्रियाशील पूंजी फंस रही है। इससे गन्ना किसानों के बकाए मूल्य का भुगतान करने में आगे कठिनाई हो सकती है।
उद्योग लगातार सरकार से चीनी का एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य बढ़ाने का आग्रह कर रहा है ताकि मिलों को कुछ राहत मिल सके। चीनी का उत्पादन 300 लाख टन से अधिक होने का अनुमान है।
