भावान्तर भुगतान योजना के प्रति मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादकों में ज्यादा उत्साह नहीं
31-Oct-2025 10:45 AM
इंदौर। हालांकि देश सबसे प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्य- मध्य प्रदेश में 8 वर्षों के बाद इस महत्वपूर्ण तिलहन के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के बजाए भावान्तर भुगतान स्कीम दोबारा लागू की गई है
और केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने भी वहां 22.20 लाख टन तक की खरीद के लिए 17.75 अरब रुपए की राशि आवंटित की है लेकिन किसान इस स्कीम के प्रति ज्यादा उत्साहित नहीं है।
उत्पादकों का कहना है कि एक तो इस स्कीम की प्रक्रिया जटिल है और दूसरे, इसमें ऑनलाइन भुगतान भी काफी देर से किया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत किसान खुली मंडियों में अपने सोयाबीन की बिक्री करते हैं और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जितना कम दाम मिलता है उसका भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है।
इस तरह किसानों को परोक्ष रूप से एमएसपी हासिल हो जाता है। इसके लिए किसानों को बिक्री की पक्की रसीद प्रस्तुत करनी पड़ती है।
इससे पूर्व मध्य प्रदेश में अक्टूबर 2017 में भावान्तर भुगतान योजना लागू की गई थी और उस समय अनेक किसानों को उचित मुआवजा (मूल्यान्तर) प्राप्त करने में भारी कठिनाई हुई थी।
उत्पादकों की शिकायत है कि इस स्कीम में खरीदारों द्वारा हेरा फेरी की जाती है, भुगतान विलम्ब से मिलता है और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जटिल होती है।
इस बार भावान्तर भुगतान स्कीम के अंतर्गत मध्य प्रदेश में सोयाबीन खरीद की समय सीमा 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। जो किसान 3 से 17 अक्टूबर तक अपना पंजीकरण करवा चुके हैं केवल उन्हें ही इस स्कीम का लाभ मिलेगा।
हालांकि केन्द्र सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन के 4892 रुपए प्रति क्विंटल से 436 रुपए बढ़कर 2025-26 सीजन के लिए 5328 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है मगर इसका थोक मंडी भाव उससे काफी नीचे चल रहा है।
इस बार सोयाबीन के उत्पादन में भी गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं। किसानों को पहले सरकारी क्रय केन्द्रों पर अपना उत्पाद बेचने में सफलता मिल रही थी लेकिन अब खरीदारों की तलाश करनी पड़ती है।
उच्च क्वालिटी वाली सोयाबीन का दाम भी 4500-4600 रुपए प्रति क्विंटल से ऊंचा नहीं है। आमतौर पर इसके लिए किसानों को समर्थन मूल्य से बेहतर दाम मिलने की उम्मीद रहती है मगर भावान्तर भुगतान योजना में ऐसा संभव नहीं होता है।
