बिजाई क्षेत्र में वृद्धि एवं अनुकूल मौसम से सरसों के बेहतर उत्पादन के आसार

27-Jan-2026 03:44 PM

नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों के बिजाई क्षेत्र में इस बार उम्मीद के अनुरूप अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और आमतौर पर मौसम की हालत भी अनुकूल देखी जा रही है।

इसे देखते हुए सरसों के घरेलू उत्पादन में कम से कम 10 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वैसे पश्चिमोत्तर भारत में तेज हवा के प्रवाह के साथ बारिश तथा ओलावृष्टि होने की सूचना मिल रही है जिससे सरसों की फसल को कुछ नुकसान होने की आशंका है। 27 जनवरी को (आज) कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है।  

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सरसों का बिजाई क्षेत्र 2024-25 सीजन के 86.57 लाख हेक्टेयर से 3.2 प्रतिशत बढ़कर 2025-26 के रबी  सीजन में 89.36 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।

2024-25 के सीजन में सरकार ने सरसों का कुल उत्पादन 126.67 लाख टन आंका था जबकि 2025-26 के मौजूदा सीजन के लिए 139 लाख टन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

ज्ञात हो कि 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान सरसों के घरेलू उत्पादन में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई थी। 

आज यानी 27 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ में भारी वर्षा के साथ ओलावृष्टि हो रही है जबकि जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी तथा बारिश की सूचना मिल रही है।

उल्लेखनीय है कि सरसों के उत्पादन में राजस्थान पहले उत्तर प्रदेश दूसरे और हरियाणा (चौथे) नम्बर का राज्य है जबकि मध्य प्रदेश तीसरे, पश्चिम बंगाल पांचवें एवं गुजरात छठे स्थान पर रहता है। इसके अलावा बिहार, आसाम तथा पंजाब सहित कुछ अन्य राज्यों में भी सरसों का अच्छा उत्पादन होता है। 

भारतीय सरसों-रेपसीड अनुसंधान संस्थान, भरतपुर के एक पूर्व निदेशक का कहना है कि आमतौर पर फसल की हालत काफी अच्छी दिखाई पड़ रही है जिससे उत्पादन में इजाफा हो सकता है।

घना कोहरा एवं धुंध का प्रकोप भी नहीं है इसलिए फसल की उपज दर में सुधार आ सकता है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले 2025-26 सीजन के दौरान सरसों का उत्पादन क्षेत्र राजस्थान में 1 प्रतिशत सुधरकर 35.35 लाख हेक्टेयर,

उत्तर प्रदेश में 4 प्रतिशत बढ़कर 16.99 लाख हेक्टेयर तथा मध्य प्रदेश में 4.1 प्रतिशत बढ़कर 11.79 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। सरकार अब छत्तीसगढ़ में सरसों का रकबा बढ़ाकर 1 लाख हेक्टेयर तक पहुंचने का प्लान बना रही है।